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मछली मारने से मना करने पर पुलिसकर्मी और ग्रामीणों में धक्का-मुक्की

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पूरनपुर। रात को खेत की रखवाली करने के दौरान नाले में मछली मार रहे युवकों को पुलिस के द्वारा शिकार करने से रोकने पर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तनातनी के साथ धक्का-मुक्की हो गई। विवाद करने वाले पांच लोगों को पुलिस पकड़कर थाने ले आई। इस पर बुधवार को ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पुलिस चौकी पर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना हंगामे की सूचना पर सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंचे गए। ग्रामीणों से वार्ता करने के बाद पकड़े गए पांचों लोगों को छोड़ दिया गया।
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हजारा थाना क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा निवासी गोपाल मंडल, विश्वनाथ मंडल, गनेश गाईन, मोहन सरकार और विश्वनाथ मंडल रिश्तेदारों के साथ मंगलवार रात खेतों की रखवाली करने घर से निकले थे। क्योंकि अधिकांश लोगों के खेत जंगल और शारदा नदी की सीमा से सटे हुए हैं। तभी रखवाली करने के दौरान सभी लोग नाले की पुलिया पर बैठकर मछली का शिकार करने लगे। इस दौरान गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों ने युवकों को रात में मछली मारने से मना किया। इस पर विवाद बढ़ गया। युवकों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे पहले अभद्रता शुरू की। इस पर युवकों ने गांव वालों को फोन कर मौके पर बुलाया लिया। इधर, पुलिसकर्मियों ने युवकों पर विवाद करने की जानकारी चौकी इंचार्ज को देकर अन्य पुलिस कर्मियों को बुला लिए। इस पर पुलिसकर्मी और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इस पर पुलिस पांच लोगों को पकड़कर थाने ले गई। इस बात पर नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को इकट्ठा होकर चंदिया हजारा चौकी पर पहुंचे। जहां उन्होंने गांव के लोगों को छोड़ने की मांग करने लगे। धीरे-धीरे मामला दोबारा से विवाद का रूप लेता जा रहा था। इधर, जानकारी मिलते ही सीओ वीरेंद्र विक्रम, कोतवाल हरीशवर्धन सिंह, एसओ हजारा तेजपाल सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। आक्रोशित लोगों ने पुलिस कर्मियों पर तमाम आरोप लगाते हुए लाइनहाजिर कराने की मांग की। सीओ ने गांव के लोगों के साथ बैठक कर उनकी समस्या सुनी। आक्रोशित लोगों को समझाकर पकड़े गए युवकों को छुड़वा दिया। पुलिस ने ग्रामीणों से गश्त आदि में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। साथ ही पुलिसकर्मियों को हिदायत दी कि वह आम जनता से अपना व्यवहार ठीक रखें।
गलतफहमी में पुलिसकर्मियों और लोगों में कहासुनी के बाद विवाद हो गया था। दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया है। लोगों को पुलिस को सहयोग करने और पुलिस को लोगों से शालीनता पूर्वक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण पूरी तरह संतुष्ट हो गए।
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- वीरेंद्र विक्रम, सीओ
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