पूरनपुर। सांसद वरुण गांधी के जिले में आगमन पर काले झंडे दिखाने की रणनीति किसानों की विफल हो गई। दो दिन से अफसर किसान नेताओं को मनाने में जुटे रहे पर वे नहीं मान रहे थे। आखिर में सांसद का कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
तीन दिन पहले शनिवार को नगर में नगर विकास एवं गरीबी उन्मूलन समग्र विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता के आगमन पर किसान भारी संख्या में जगह-जगह उनको काले झंडे दिखाने को एकत्र हुए थे। ब्लॉक सभागार के समीप काले झंडे लेकर पहुंचे किसानों से पुलिस ने झंडे छीन लिए थे। असम हाईवे के बंडा चौराहे पर पूरे दिन किसानों ने काले झंडे लहराकर भाजपा के खिलाफ कई बार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों और अफसरों की कई बार नोकझोंक हुई थी। किसानों के भारी आक्रोश पर मंत्री के नगर में आने, जाने का रास्ता बदल दिया गया था। इस पर किसानों ने प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए अबकी बार भाजपा नेताओं की गाड़ियों पर काला तेल डालने, काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी थी। बुधवार को सांसद का जिले में आगमन था। इसको लेकर किसान सांसद को काले झंडे न दिखाने की रणनीति दो दिन से बना रहे थे। अफसर दो दिनों से किसान नेताओं को मनाने को चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को भी कुछ किसान नेताओं को बुलाकर काले झंडे न दिखाकर ज्ञापन देने की बात कहकर समझाया गया। मगर किसानों ने मानने से साफ इनकार कर दिया था। किसान नेता बलजिंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पिछली बार गुमराह कर दिया था। सांसद वरुण गांधी के आगमन पर उनको काले झंडे दिखाने थे। हालांकि उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया। मंगलवार शाम को सांसद का कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
कृषि कानूनों को लेकर नाराज किसानों को समझाकर मना लिया गया था। किसी तरह की कोई समस्या नहीं थी।
- राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम, पूरनपुर