पीलीभीत। शराब व्यवसायी सतीश जायसवाल द्वारा शहर से सटे गांव बिलगवां में राम विहार के नाम से नई कॉलोनी विकसित की जा रही है। शासन को इस कॉलोनी के विषय में शिकायत मिली कि इसे विकसित करने में आठ करोड़ से ज्यादा के स्टांप की चोरी गई है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव प्रकाश गोयल के आदेश पर महानिरीक्षक निबंधन ने पीलीभीत के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को जांच के आदेश दिए। एडीएम ने यह जांच सहायक महानिरीक्षक निबंधन रामऔतार को सौंपकर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) रामौतार के मुताबिक, शासन से की गई शिकायत में कहा गया है कि शहर से सटे गांव बिलगवां में सतीश जायसवाल द्वारा राम विहार कॉलोनी के लिए मान्या डेवलपर्स के पार्टनर की हैसियत से प्लाटों की बिक्री की जा रही है, जबकि कॉलोनी की भूमि गांटा संख्या 18 और 19 राजस्व अभिलेखों में सतीश जायसवाल की व्यक्तिगत हैसियत से दर्ज है। इस जमीन के बैनामा में न तो फर्म मान्या डेवलपर्स का नाम दर्ज है और न ही सतीश जायसवाल ने प्लाटों बिक्री करने से पहले राजस्व अभिलेखों में मान्या डेवलपर्स को पार्टनर की हैसियत से दर्ज किया है। इस तरह शासन को करीब 8.10 करोड़ रूपये के स्टांप की क्षति पहुंचाई गई है।
एआईजी ने सतीश जायसवाल को नोटिस जारी कर 28 सितंबर को अपने कार्यालय में उपस्थित होकर जांच के संबंध में साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इस पर सतीश जायसवाल तय तिथि पर एआईजी कार्यालय में उपस्थित भी हुए, लेकिन उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय मांग लिया। हालांकि सतीश जायसवाल एआईजी से सात दिन की मोहलत मिलने की बात कह रहे है जबकि एआईजी का कहना है कि उन्हें 24 सितंबर को मिली इस जांच की रिपोर्ट सात दिन के भीतर देने का आदेश मिला है। सतीश जायसवाल को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दी गई समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई।
रामबिहार कॉलोनी मामले में सतीश जायसवाल को नोटिस देकर 28 सितंबर को साक्ष्य समेत कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था। वह आए भी थे लेकिन उन्होंने अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय मांग लिया। यह समयसीमा मंगलवार को खत्म हो गई। - रामऔतार, एआईजी स्टांप
कॉलोनी के स्टांप चोरी की जांच के मामले में एआईजी स्टांप से साक्ष्य प्रस्तुत करने का नोटिस मिला था। इस पर 28 सितंबर को उनके कार्यालय में उपस्थित हुआ और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए सप्ताह भर का समय मांग लिया है। कॉलोनी की जमीन के सारे दस्तावेज वैध हैं। - सतीश जायसवाल, कालोनाइजर
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