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कोरोना : दूर हुआ भ्रम और डर... लक्ष्य से ज्यादा किशोरों ने लगवाई वैक्सीन

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पीलीभीत। कोरोना ने जिस तरह से दुनिया में तबाही मचाई, हर कोई वाकिफ है। पहली और दूसरी लहर की तबाही देख चुके लोगों के बीच तीसरी लहर में कोविड वैक्सीन को लेकर भ्रम और डर दूर हुआ। किशोर वर्ग का टीकाकरण सबसे ज्यादा सफल रहा। लक्ष्य 142447 किशोरों को टीका लगाने का था मगर उपलब्धि लक्ष्य से चार फीसदी ज्यादा रही। जो किशोर स्वास्थ्य विभाग की सूची से छूटे थे, वे भी टीका लगवाने पहुंचे। इसलिए पहली डोज में टीकाकरण 104.06 फीसदी रहा। दूसरी डोज 68.6 फीसदी किशोरों ने लगवाई है।
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किशोरों के वैक्सीनेशन में पीलीभीत सूबे के टॉप टेन जिलों में भी शामिल हुआ। अब जिले में दूसरी डोज का लक्ष्य भी जल्द पूरा होने की ओर बढ़ रहा है। लोग न केवल अपनी सुरक्षा, बल्कि पूरे परिवार के लिए सुरक्षा कवच पाने को वैक्सीन लगवा रहे हैं। ऐसा लगता है कि किशोर अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा संजीदा हैं। पिछले माह स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर 15 से 17 साल के किशोरों को टीके लगाए गए। उनमें गंभीरता भी दिखी और उत्साह भी।
जो छात्र अपने कॉलेेजों में टीका नहीं लगवा पाए, उन्होंने बूथों पर पहुंचकर लगवाया। यही कारण है कि इस वर्ग का पहली डोज का टीकाकरण 104 फीसदी हुुआ। अब इनको दूसरी डोज दी जा रही है, जो 68.6 फीसदी तक हो चुकी है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि डाटा बेस उनके पास है। जिनकी डेट आती है, उन्हें स्वास्थ्य कर्मी एक दिन पहले ही कॉल करते हैं और टीका लगवाते हैं।
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सरकारी के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों में ज्यादा हुआ टीकाकरण- स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्राइवेट और सरकारी स्कूल कॉलेजों में टीकाकरण अभियान चलाया गया। यहां मेडिकल टीमें भेजकर विद्यार्थियों को टीके लगाए गए। वैक्सीनेशन के प्रति सरकारी के मुकाबले प्राइवेट स्कूल अधिक गंभीर दिखे। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा के अनुसार, ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में सौ फीसदी बच्चों को टीके लगे, जबकि सरकारी कॉलेजों में पचास से साठ फीसदी ही टीके लगे। पूरे जिले के स्कूलों में किशोरों के लिए टीकाकरण का अभियान चलाया गया था।
दूसरी डोज की तिथि निकल गई.. तब भी लगवा सकते हैं टीका - बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने कोविड की पहली डोज लेने के बाद निर्धारित तिथि पर दूसरी डोज नहीं लगवाई। अब वह असमंजस में हैं कि दूसरी डोज लगवाएं या पहली। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा के अनुसार ऐसे लोग दूसरी डोज ही लगवाएं। कोशिश करें कि निर्धारित तिथि पर ही दूसरी डोज लगे। अगर किसी कारणवश चूक जाते हैं तो बाद में भी लगवा सकते हैं। कोरोना से बचाव का सुरक्षा कवच सभी के लिए जरूरी है।
कोविड का टीका लगवाकर सुरक्षित कर लिया परिवार - एकतानगर के रहने वाले एडवोकेट शिरीष सक्सेना ने बारह साल बेटे को छोड़ बाकी पूरे परिवार का कोविड टीकाकरण करा लिया है। मां रीता सक्सेना, पत्नी निधि निगम, 17 साल की बेटी वृंदा सक्सेना कोविड की दोनों डोज ले चुके हैं। अब बारह साल के बेटे पर्थ को भी टीका लगवाया जाएगा। शिरीष कहते हैं कि तीसरी लहर में कोविड का पता नहीं चला.. इसकी प्रमुख वजह यही थी कि लोगों ने वैक्सीन लगवाई। पूरे परिवार का टीकाकरण कराकर सुरक्षा कवच बना लिया है। पूरा परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है।
स्कूल प्रबंधकों की बातचीत
कॉलेज में टीकाकरण शिविर लगा था। बच्चों ने काफी उत्साह दिखाया। 1300 बच्चों में 700 को टीके लगे। तमाम किशोरों ने बूथों पर जाकर टीके लगवाए हैं। कई छात्रों को घरों से बुलवाकर टीके लगवाए गए। उनको दूसरी डोज लगवाने को लेकर जागरूक कर रहे हैं। इस समय परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद 12 साल के बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रति जागरूक करेंगे।
- संतोष कुमार, प्रधानाचार्य ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज
हमारे यहां 1200 छात्राएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के कैंप के दौरान करीब सात सौ को टीके लगे हैं। बाकी छात्राओं ने अपने पास वाले बूथों पर टीके लगवाए। ज्यादातर छात्राएं कोविड से बचाव का टीका लगवा चुकी हैं। अब दूसरी डोज लगवाने की पहल चल रही है। छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है।
- अनीता जोशी, प्रधानाचार्य अवंतीबाई गर्ल्स कॉलेज
हमारे स्कूल में 15-18 साल तक के सभी बच्चों को कोविड से बचाव की पहली डोज लग चुकी है। जिन बच्चों की तबीयत ठीक नहीं थी या 15 साल से कम उम्र थी, उनका टीकाकरण नहीं हो सका था। ऐसे 457 बच्चे हैं। इनकी सूची भेजी जा चुकी है। बच्चों के अभिभावकों को टीका लगवाने को बोल दिया गया है।
-अनुराग दास, प्रधानाचार्य, लिटिल एंजिल्स
हमारे यहां सौ फीसदी टीकाकरण हो चुका है। बच्चे दूसरी डोज भी लगवाने लगे हैं। शिविर के दौरान 1200 छात्रों को टीके लगे। कुछ बच्चे 15 साल से कम उम्र के थे, सिर्फ वही रह गए थे। अब वह अपने पास वाले बूथों पर टीका लगवा रहे हैं। बच्चे जागरूक हैं, वह खुद टीका लगवाने के लिए उत्साहित थे।
- अल्पना कोहली, प्रधानाचार्य, बेनहर कॉलेज
‘15 से 17 के सभी किशोरों को पहली डोज लग चुकी है। दूसरी डोज भी तेजी से लगाई जा रहा है। जिन किशोरों की ड्यू डेट आ रही है, उनको फोन करके सूचना दी जा रही है। जिले के लोग जागरूक हैं। गंभीरता समझ रहे हैं और बूथों पर पहुंचकर टीका लगवा रहे हैं।’
डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ
कोविड टीकाकरण में आंकड़े
15 से 17 साल वालों की पहली डोज
लक्ष्य:142447
टीके लगे: 148242
फीसदी: 104.06
दूसरी डोज: 68.6 फीसदी
18 वर्ष ऊपर वालों की पहली डोज
लक्ष्य: 1412900
टीके लगे: 1533312
फीसदी: 108.52
दूसरी डोज: 90.6 फीसदी
12 से 14 साल वालों की पहली डोज
लक्ष्य: 86033
छह दिन में टीके लगे: 893
शनिवार के आंकड़े
पहली डोज लेेने वालों की संख्या: 996
दूसरी डोज लेने वालों की संख्या: 2635
12 से 14 साल:168
15 से 18 साल: 707
टीकाकरण हमारा सुरक्षा कवच, सभी लगवाएं टीका - जिला अस्पताल के बूथ पर पहला डोज लगवाने आए परमवीर कहते हैं कि वह काम के सिलसिले में बाहर जा रहे हैं। अभी तक टीका नहीं लगवाया था। अब इसकी गंभीरता समझ रहा हूं। इसलिए टीका लगवाने आया। परमवीर का कहना है कि पहले मन में थोड़ा भ्रम था, इसलिए टीका नहीं लगवाया लेकिन अब ऐसा नहीं है। देश को कोविड से बचाना है तो हर किसी को टीका लगवाना है।
शुरूआती दौर में ही कोविड की दोनों डोज लगवा ली थीं - पार्थ सहगल का कहना है कि उन्होंने शुरूआती दौर में ही कोविड की दोनों डोज लगवा ली थी। उनको किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। अब वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगवाने के लिए किसी भी तरह के भ्रम में न पड़ें। अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वैक्सीन जरूर लगवा लें।
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