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Pilibhit News: अधर में अटका ड्रग वेयर हाउस का निर्माण, किराए के भवन में दवा के रखरखाव की चुनौती

Sun, 01 Jun 2025 12:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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​सीएमओ कार्यालय के सामने बन रहा ड्रग वेयर हाउस। संवाद
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पीलीभीत। जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों को दवा मुहैया कराने वाले ड्रग वेयर हाउस को लंबा समय बीतने के बाद भी अपना भवन नहीं मिल सका है। अगस्त 2023 में 5.90 करोड़ की लागत से ड्रग वेयर हाउस का निर्माण शुरू कराया गया। मियाद पूरी होने के नौ माह बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। ऐसे में किराए के भवन में अस्थायी वेयर हाउस संचालित होने से दवाओं के बेहतर रखरखाव भी विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
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जिले की करीब 10 सामुदायिक स्वास्थ्य और 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। नेपाल से सटे इलाके में भी स्वास्थ्य केंद्र बने हैं। स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन का जोर है। इसके लिए जिले में ड्रग वेयर हाउस का संचालन किया जाता है। जहां से जिला अस्पताल के अलावा जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर डिमांड के अनुसार दवा मुहैया कराई जाती हैं, लेकिन स्थिति यह है कि जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा मुहैया कराने वाले ड्रग वेयर हाउस के पास अपना खुद का भवन नहीं हैं।
कई सालों से विभाग की ओर से असम हाईवे पर शहर से सटे इलाके में किराए का भवन लेकर वेयर हाउस का संचालन किया जा रहा है। लाखों रुपये किराए के रूप में खर्च किए जा रहे हैं। किराए का भवन होने से दवाओं के रखरखाव को लेकर भी विभाग के सामने चुनौती बनी रहती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विभागीय पत्राचार के बाद अगस्त 2023 में शासन ने ड्रग वेयर हाउस के निर्माण को मंजूरी दी थी।
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सीएमओ कार्यालय के सामने खाली पड़ी जमीन पर ड्रग वेयर हाउस का निर्माण शुरू कराया गया। अगस्त 2024 तक कार्य को पूरा करने की मियाद रखी गई, लेकिन तय सीमा से नौ माह अधिक बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। इससे दवा के वितरण से लेकर रखरखाव में विभागीय कर्मचारियों को ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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स्टीमेट में संशोधन के बाद से बजट का बना अभाव
विभागीय अफसरों का कहना है कि ड्रग वेयर हाउस का शुरुआती स्टीमेट 5.90 करोड़ रुपये का था। कार्य शुरू होने के बाद स्टीमेट में कुछ बढ़ोतरी हुई। स्टीमेट संशोधन के बाद 8.73 करोड़ पहुंच गया। बजट के अभाव में कार्य रुक गया। कार्य रुकने के बाद अफसरों ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया। जिसपर बजट का अभाव होने की बात कही गई। लंबा समय बीतने के बाद बजट जारी न होने से कार्य ठप पड़ा है।
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81 फीसदी काम पूरा होने का दावा, दिख रहा सिर्फ ढांचा
ड्रग वेयर हाउस का 81 फीसदी काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत में भवन का सिर्फ ढांचा ही तैयार हो सका है। फर्श से लेकर लाइटिंग, फर्नीचर और फिनिशिंग का कार्य अधूरा पड़ा है। ऐसे में कार्य पूरा होने में समय लगने की उम्मीद है। हालांकि अफसर अक्तूबर तक कार्य पूरा होने की बात कह रहे हैं।
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वर्जन
पूर्व में नोटिस दिया जा चुका है। निर्माणाधीन संस्था द्वारा बजट के अभाव की बात कही गई थी। इसपर शासन स्तर पर पत्राचार किए गए हैं। जल्द ही बजट की समस्या को दूर कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
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डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
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