पीलीभीत। प्रधानमंत्री किसान समाधान दिवस मात्र औपचारिकता बनकर रहा गया है। यही कारण है कि तीन दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन भी कई किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ। इससे उन्हें सम्मान निधि पाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। इधर, समस्याओं का निस्तारण न होने से किसान भटकते रहे। हालांकि अफसरों का कहना है कि सम्मान निधि से जुड़ी स्थानीय त्रुटियों को दूर कर दिया गया है।
कृषि विभाग की तरफ से 11 अक्तूबर से राजकीय बीज गोदाम में प्रधानमंत्री किसान समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसका आयोजन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए किया गया है। मंगलवार को दूसरे दिन भी आए किसान परेशान रहे। दो दिन के भीतर 100 से अधिक किसान आए लेकिन 30-35 किसानों की समस्याओं का समाधान हो सका। आधे से ज्यादा किसानों को लौटना पड़ा। समाधान दिवस में कोई अधिकारी भी मौजूद नहीं था। संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर लालाराम ने बताया कि जिन किसानों के आधार कार्ड में कोई त्रुटि थी सिर्फ उसे ही दूर किया गया है क्योंकि सम्मान निधि के पोर्टल पर अन्य किसी डेटा को अपडेट करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने बताया कि आईएफएससी कोड में त्रुटि हो या खाता संख्या गलत हो। अन्य कोई भी कमी हो, उन कमियों को ठीक करने की अनुमति नहीं थी। इसलिए तमाम किसानों को लौटना पड़ा।
किसानों की कहानी उनकी जुबानी
किसान सम्मान निधि पाने के लिए मैंने और मेरी पत्नी ने 20 फरवरी 2019 को पंजीकरण कराया। दो वर्ष से ज्यादा हो गया। अब तक सम्मान निधि के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला। कृषि विभाग और बैंक के चक्कर लगाते लगाते थक गया। पीएम किसान समाधान दिवस में भी आया पर यहां से बैंक जाने के लिए कह दिया गया। - शिवकुमार, जमुनिया
किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर मेरा खाता नंबर गलत बताया जा रहा है। अपने खाता संख्या को सही कराने के लिए बैंक और कृषि विभाग के दफ्तर में कई बार गया। पासबुक की छाया प्रति दी। बैंक वालों ने कहा कि खाता संख्या सही करा देंगे लेकिन पोर्टल पर खाता संख्या अपडेट नहीं हुुई। इससे सम्मान निधि प्राप्त नहीं हो रही है। - अमृतलाल, किसान
मेरा नाम धर्मप्रकाश है। मेरी सम्मान निधि धर्मवीर के खाते में क्रेडिट हो रही है। कर्मचारियों ने मेरे नाम के साथ किसी धर्मवीर का आधार कार्ड फीडकर दिया। मैं कृषि विभाग जाता हूं तो बैंक भेज दिया जाता है। बैंक वाले कहते हैं कि पोर्टल पर अपडेट करने की जिम्मेदारी कृषि विभाग की है। समाधान दिवस में समस्या लेकर आया पर यहां भी समाधान हो सका।
- धर्मप्रकाश, किसान
अपनी और बहन के नाम सम्मान निधि के लिए पंजीकरण कराया है लेकिन धनराशि किसी के नाम नहीं आई। पंजीकरण के बाद भी पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं हो सका है। सम्मान निधि हासिल करने के लिए भटक रहा हूं। समाधान दिवस में बताया गया है कि कॉमन फैसलिटी सेंटर पर जाकर नए सिरे से पंजीकरण कराएं। कुल मिलाकर मुझे समाधान दिवस में भी समाधान नहीं मिल सका।
- रामनरेश वर्मा, किसान
दावा- बीसलपुर में 70 किसानों के आधार कार्ड में दूर की गई त्रुटि
राजकीय कृषि बीज भंडार में 11 अक्तूबर से चल रहे ब्लाक स्तरीय किसान सम्मान निधि समाधान दिवस में मंगलवार को 70 किसानों के त्रुटिपूर्ण आधार कार्ड संशोधित किए गए। बीज भंडार पर सुबह 10 बजे से ही त्रुटिपूर्ण आधार कार्ड संशोधित कराने वाले किसानों का आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो शाम चार बजे तक जारी रहा। भंडार प्रभारी संजीव मौर्य ने बताया कि पहले दिन 25 और दूसरे दिन 70 मिलाकर 95 किसान अपने त्रुटिपूर्ण आधार कार्ड सही कराने आए थे। इसमें 70 के कार्ड सही कर दिए गए। अब इन किसानों को किसान सम्मान निधि मिलने का रास्ता साफ हो गया है। संजीव मौर्य ने बताया कि बुधवार को भी शिविर लगा रहेगा।
हकीकत- पैसे देकर साइबर कैफे पर सही कराना पड़ा आधार कार्ड
त्रुटिपूर्ण आधार कार्ड सही कराने के लिए राजकीय कृषि बीज भंडार बीसलपुर में मंगलवार को सुबह 10:30 बजे पहुंच गया था। वहां तैनात कर्मचारियों ने एक विशेष साइबर कैफे पर अपना आधार कार्ड में त्रुटि सही कराने के लिए भेज दिया। जहां पैसे देकर त्रुटि को सही कराना पड़ा। - मुनेंद्र सिंह, कृषक गांव खनंका।