पीलीभीत। जिले में डेंगू से बच्चे की मौत के बाद अब हर दिन रैपिड जांच में मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं। बुधवार को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे छह मरीजों में रैपिड जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इनके सैंपल एलाइजा जांच के लिए लखनऊ लैब भेजे गए हैं। इनमें एक मरीज निजी अस्पताल में भर्ती है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
मलेरिया विभाग की जानकारी के मुताबिक बल्लभनगर कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग, देवीपुरा गांव निवासी 40 वर्षीय, जैतपुर निवासी 20 वर्षीय, बरातबोझ निवासी 20 वर्षीय, रानीगंज निवासी 10 वर्षीय बालक और अखौला गांव निवासी 16 वर्षीय बालिका बुखार से ग्रस्त अस्पतालों में पहुंचे थे। इन्हें बेहद तेज बुखार था। जिन्हें संदिग्ध मानकर बुधवार को जब इनका रैपिड टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। सूचना मिलने पर मलेरिया की टीम ने उनकी एलाइजा जांच के लिए सैंपल लेकर परीक्षण के लिए लखनऊ भेज दिया है। जिला सहायक मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि रैपिड टेस्ट किट से संदिग्ध मरीज ट्रेस होते हैं, इनकी पुष्टि एलाइजा जांच से ही होती है। बगैर एलाइजा जांच के किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती है।
बुधवार को कुछ कम रहे बुखार पीड़ित
जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों में बुधवार को बुखार पीड़ितों की तादाद कम रही। ओपीडी में भीड़ भी घटी है। काउंटर पर आम दिनों के सापेक्ष महज 954 पर्चे बने। वहीं, 369 लोग बुखार पीड़ित रहे। इन्हें फिजीशियन ने दवाएं मुहैया कराई हैं। परिसर में साफ-सफाई का दौर जारी रहा। साथ ही कोविड से बचाव के लिए लोगों को पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सुझाव दिए जाते रहे।
देशनगर मोहल्ले में 17 मकानों में मिला लार्वा
मलेरिया विभाग की ओर से बुधवार को शहर के मोहल्ला देशनगर में अभियान चलाया गया। टीम ने पहले मोहल्ले में दवा का छिड़काव कराया गया। इसके बाद पूरे मोहल्ले में 317 मकानों में डेंगू का लार्वा तलाश किया गया। जहां 17 मकानों में लार्वा पनपता मिला। टीम ने लार्वा को नष्ट कराकर मकान मालिकों को नोटिस जारी किया। इसके अलावा शहर के बल्लभनगर कॉलोनी को संवेदनशील मानते हुए मलेरिया विभाग ने दवा का छिड़काव करने के साथ फॉगिंग कराई।