पूरनपुर। शारदा नदी से सटे गांव चंदिया हजारा के लोगों में विभिन्न समस्याओं का समाधान न होने पर रोष है। ग्राम पंचायत में आठ महत्वपूर्ण समस्याओं को लेकर समस्या पट्ट बनाया गया है। गांव में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों को समस्या पट पढ़कर पहले यह बताना होगा कि आखिर उनकी समस्याओं का समाधान कब और कैसे होगा।
बाढ़ से नदी किनारे बसे गांव के लोग हर साल अपनी तबाही का मंजर देखते है। बाढ़ से गांवों को बचाने के नाम हर साल करोड़ों रुपये का बजट खर्च होता है। मगर इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। लंबे समय से आसपास के लोग शारदा नदी के कटान से स्थायी निजात दिलाने, क्षेत्र का विकास कराने करने की मांग करते आ रहे है। मगर समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। चुनाव के समय पहुंचने वाले प्रतिनिधि जीत के बाद समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन देते है। मगर जीत के बाद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर जन प्रतिनिधियों से लोग नाराज है।
चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि 50 सालों ने मूलभूत सुविधाओं की मांग की जा रही है। समस्याओं का समाधान न होने पर गांव में एक समस्या पट बनाया गया है। समस्या पट पर प्रमुख समस्याओं को अंकित कराया गया है। अब गांव पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों को समस्या पट पढ़ाया जाएगा और समस्याओं का समाधान कब और कैसे होगा की जानकारी की जाएगी। प्रधान ने बताया कि समस्या पट ग्राम पंचायत सदस्यों और अन्य के साथ विचार-विमर्श कर बनवाया गया है।
समस्या पट पर उठाए गए यह सवाल
- शारदा नदी से हो रहे कटान की समस्या का स्थायी समाधान कब तक?
- यांत्रिक अनुरक्षण खंड वाराणसी के सात करोड़ का प्रोजेक्ट (शारदा नदी की गहराई से खुदाई कर पुराने बहाव में लाने का कार्य) क्यों रोका गया और कब प्रारंभ होगा?
- आजादी के बाद बसे पुनर्वासित। विस्थापित परिवारों को जमीन पर मालिकाना अधिकार 40 सालों से लंबित क्यों?
- बंगला भाषी नमोशूद्र व पण्डू क्षत्रिय को अनुसूचित जाति का दर्जा कब तक?
- विधानसभा मतदाता सूची में 18 वर्ष के ऊपर बंगला भाषियों के नए नाम क्यों शामिल नहीं?
- चंदिया हजारा, बंगाली कॉलोनी, राहुलनगर को कोतवाली पूरनपुर में शामिल कब किया जाएगा?
- चंदिया हजारा में एक हाईस्कूल व इंटर कॉलेज कब तक बनेगा?
- चंदिया हजारा में उप स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत कब पूरी होगी?