पीलीभीत। फर्जी ई-स्टांप बेचने के आरोप में सदर तहसील के एक वेंडर पर सब रजिस्टार की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि वेंडर ने दस हजार रुपये का स्टांप बिक्री किया पर सरकारी खजाने में सिर्फ 100 रुपये जमा किए। खुलासा तब हुआ जब 28 अगस्त को छापामार कार्रवाई के बाद जांच कराई र्गई।
सदर तहसील में ई-स्टांप वेंडर अबरार खान के यहां सब रजिस्टार जय प्रकाश ने फर्जीवाड़ा की शिकायत पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान आरोपी के सभी अभिलेख जब्त कर आईडी और पासवर्ड लॉक कर दिया गया था। कारण बताओ नोटिस देकर जांच शुरू कर दी गई थी। नोटिस का जवाब मिलने और जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई के लिए पत्रावली डीएम को भेज दी गई। इसके बाद सोमवार को सब रजिस्टार ने ई-स्टांप वेंडर पर आईपीसी की धआरा 420, 467, 468, 471 के तहत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया कि ई-स्टांप वेंडर अबरार खान ने प्रथम पक्ष ग्राम बसंतपुर निवासी शहादत खान और द्वितीय पक्ष आईसीआईसीआई को दस हजार के स्टांप बेंचे थे।
दस हजार रुपये की जगह स्टॉक होल्डिंग की वेबसाइट पर मात्र 100 रुपये प्रदर्शित हो रहे है। जांच में पता चला कि स्टांप वेंडर अबरार खान ने कंप्यूटर में हेराफेरी करके स्टांप खरीदार को दे दिया। जांच में खुलासा हुआ कि 100 रुपये का स्टांप दस हजार मेें बेचा गया। अबरार खान ने सरकारी खजाने में मात्र 100 रुपये ही जमा किए। शेष धनराशि का गबन किया। अबरार खान ने रजिस्टर में भी 10 हजार रुपये का स्टांप बेचना दिखाया। जिस पर खरीदार के हस्ताक्षर भी कराए गए थे।