पीलीभीत। माल गोदाम चुंगी में बने व्यापार भवन का किराया जमा न होने के कारण नगरपालिका ने उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल को एक लाख 25 हजार छह सौ रुपये का नोटिस दिया है। लेकिन व्यापार भवन पर अन्य पदाधिकारियों का कब्जा होने के कारण उसका किराया जमा करने को लेकर असमंजस है। अनूप अग्रवाल किराया जमा करने को तैयार हो गया। मगर उन्होंने प्रशासन से अपील की है जब व्यापार भवन उनके संगठन के नाम पर दर्ज है, तो उनके संगठन के पास उसकी चाबी होनी चाहिए।
कुछ माह पहले उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अफरोज जिलानी को इस संगठन से हटा दिया गया है। इसके बाद उन्होंने उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के नाम के दूसरे संगठन की सदस्यता ग्रहण कर ली थी साथ ही उनके समर्थकों ने भी इस्तीफा देकर दूसरे संगठन में शामिल हो गए। इसके बाद पूर्ण सहमति के बाद कंछल गुट के व्यापारी संगठन का जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल को बनाया गया। उन्होंने कार्यभार ग्रहण करते ही नई कार्यकारिणी गठित कर ली। करीब डेढ़ दशक पहले उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के व्यापारियों ने नगरपालिका से एक व्यापार भवन का आवंटन कराया था। व्यापारियों ने आवंटन के बाद पूरे जिले से धन संग्रह कर व्यापार भवन को तैयार कराया था। लंबे समय के बाद अब नगरपालिका के ईओ सुरेंद्र प्रताप ने कंछल गुट के जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल को व्यापार भवन का सवा लाख से ज्यादा किराया जमा करने के लिए नोटिस दिया। इसके बाद अब व्यापार भवन पर कब्जा को लेकर दोनों गुट आमने-सामने हो गए हैं।
वर्तमान में व्यापार भवन की चाबी एक संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के पास है। मगर नगरपालिका के कागजों में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नाम से पंजीकृत है। इसलिए अनूप ने संगठन किराया जमा कर व्यापार भवन पर प्रशासन से कब्जा दिलाने की मांग की है। फिलहाल प्रशासनिक अफसरों ने मामले की जांच कराने के बाद ही फैसला लेने का निर्णय किया है। -उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नाम व्यापार भवन का आवंटन चला आ रहा है। इसलिए संगठन के पास उसकी चाबी होनी चाहिए। वैसे तो व्यापार भवन व्यापारियों की सहूलियत के लिए बना है। अगर किसी भी संगठन या व्यापारी को बैठक करना है तो वह कर सकता है। संगठन के लिए समस्त व्यापारी एक बराबर हैं। मगर गलत तरीके से कब्जा नहीं होना चाहिए। प्रशासन के फैसले पर भरोसा है। - अनूप अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
व्यापार भवन में व्यापारियों का पैसा लगा है। इसलिए व्यापारियों की संपत्ति है। यह किसी विशेष संगठन की संपत्ति नहीं है। अगर जिस भी व्यापारी को भवन चाहिए वह व्यापार भवन से जुड़े लोगों से वार्ता कर मीटिंग कर सकता है। - अफरोज जिलानी, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, जिलाध्यक्ष
लंबे समय से किराया जमा नहीं कराया गया था। इसलिए जिस संगठन के नाम भवन दर्ज है उन्हें इसका नोटिस दिया गया है। एक संगठन ने कब्जे को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रकरण में जांच करने के बाद प्रशासनिक अफसरों के स्तर से फैसला लिया जाएगा। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका