पीलीभीत। सराफ व्यापारी व भाजपा नगर महामंत्री पीयूष अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से भाजपाई भड़क गए। भाजपा नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी सोमवार शाम करीब सात बजे कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने ठेका चौकी प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच और संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर करने की मांग उठाई। एएसपी विक्रम दहिया के समझाने, निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर भाजपाइयों ने करीब ढाई घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया।
मामला गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया भजा निवासी ज्वाला प्रसाद की तहरीर से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में उन्होंने शहर के कंचन ज्वेलर्स पर सोना-चांदी गिरवी रखा था और ब्याज की रकम भी अदा की थी। बावजूद इसके 31 दिसंबर 2025 को सामान लेने पहुंचने पर दुकान संचालक पीयूष अग्रवाल ने जेवरात लौटाने से इनकार कर दिया। कोई दस्तावेज भी नहीं दिखाया। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर की। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलने पर भाजपा नगर अध्यक्ष इंद्रेश सिंह चौहान ने चौकी प्रभारी से जानकारी लेने का प्रयास किया।
आरोप है कि इस दौरान दरोगा ने उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इससे नाराज होकर भाजपा नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी कोतवाली पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने रिपोर्ट की आख्या स्पष्ट करने और अभद्रता करने वाले दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। धरने में महामंत्री अमरीश शर्मा, स्वतंत्र देवल, अर्जुन सिंह टहलानी, अभिषेक अग्रवाल सहित दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी मौजूद रहे। रात करीब नौ बजे एएसपी विक्रम दहिया कोतवाली पहुंचे। करीब आधे घंटे की वार्ता के बाद प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच व दारोगा की अभद्रता मामले की जांच के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर भाजपाइयों ने धरना समाप्त कर दिया।