- पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते है समस्या
- ईओ बोले, शासन को भेजा जा चुका है तीन नई टंकियों का प्रस्ताव
पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते नगर की 17 कालोनियों में पेयजल का कोई बंदोबस्त नहीं है, जिससे कॉलोनीवासियों को आजकल भीषण गर्मी में पेयजल संकट के चलते खासी दिक्कत हो रही है।
एसडीएम कालोनी, एकता नगर, पटेलनगर, रामलीला, शिवाजी नगर, गांधी नगर, रामबंगला, संतनगर, पंजाबी कालोनी, बारह पत्थर, काशीनाथ विहार, बसंत विहार, शुक्ला कालोनी, सरस्वती विहार, अंबेडकर नगर, नहर वाली कालोनी और ब्लाक कालोनी में पिछले कई दशकों से पालिका प्रशासन की ओर से पेयजल का कोई ठोस बंदोबस्त नहीं किया गया है। यद्यपि पालिका प्रशासन ने इन कालोनियों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए इक्का-दुक्का हैंडपंप लगवा रखे हैं, लेकिन यह वैकल्पिक व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। इनमें अधिकांश हैंडपंप खराब भी पड़े हैं। इस वजह से आजकल भीषण गर्मी में इन कालोनी के लोगों को पेयजल की काफी दिक्कत हो रही है। इन कालोनी के लोगों ने अपने स्तर से ही पेयजल की व्यवस्था कर रखी है। यद्यपि इस बीच इन कालोनियों के जागरूक लोग पालिका के अधिकारियों का इस ओर समय समय पर ध्यान भी आकर्षित कराते रहे हैं लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला। जिससे लोगों में पालिका प्रशासन के प्रति रोष है। खास बात यह है कि पेयजल का बंदोबस्त किए बगैर ही पालिका प्रशासन इन कालोनी वासियों से वाटर टैक्स नियमित रूप से वसूल कर रहा है। इस बावत नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि शासन को नगर में पानी की तीन नई टंकी स्थापित कराने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि नई टंकियां स्थापित होते ही इस समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।