गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम पुलकित खरे।
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पीलीभीत। पूरनपुर के शेरपुरकलां में बीते दिनों हुई मुर्गे-मुर्गियों की मौत के बाद भेजे गए मुर्गी के सैंपल की एक दिन पूर्व पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। यह बरेली मंडल में बर्ड फ्लू का पहला केस था। इसकी लिखित रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। डीएम ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक बुलाई और रोकथाम के प्रभावी इंतजाम करने के निर्देश दिए। बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए डीएम ने जिंदा पक्षियों के आयात-निर्यात पर रोक लगा दी है। एसपी को पत्र भेजकर डीएम ने सीमावर्ती इलाके में पुलिस टीम लगाकर सख्ती से कार्रवाई कराने के निर्देश दिए हैं।
बर्ड फ्लू का केस मिलने के बाद रोकथाम के प्रभावी कदम उठाने के लिए बृहस्पतिवार पूर्वाह्न सवा दस बजे गांधी सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक बुलाई गई। डीएम ने ब्लॉक स्तर पर सात टास्कफोर्स का गठन किया। इन्हें ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक जलाशयों, मुर्गी पालन फॉर्म, मत्स्य शॉप को चिह्नित करते हुए प्रतिदिन सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए। इसकी रिपोर्ट सीडीओ के माध्यम से भेजने को कहा गया है। ग्रामीण इलाकों में कार्रवाई की जिम्मेदारी बीडीओ, नगरीय इलाके में नगरपालिका ईओ और जंगल में सामाजिक वानिकी के पर्यवेक्षण अधिकारी को दी गई। जिले में जिंदा पक्षियों के आयात-निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगाई। इसमें कार्रवाई अमल में लाने के लिए पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है।
डीएम की ओर से पत्र भी इस संबंध में एसपी को भेजा गया है, जिसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुर्गे और अंडों का परिवहन खुले वाहन में न होने दिया जाए। सख्ती से इसका पालन कराएं। शेरपुरकलां में मुर्गी में वायरस की पुष्टि होने पर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जनपद में बाहर से आने व जाने वाले मत्स्य उत्पाद पर सख्ती से रोक लगाएं। बंदी के दिन समस्त मांस की दुकानें दुकानों पूर्णतया बंद रखी जाएं।
सीवीओ डॉ. एके गर्ग ने कहा कि वायरस का वाहक शूकर होने के कारण पोल्ट्री फार्म के आसपास पालन का कार्य न किया जाए। दुकानों में साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए। इस मौके पर सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी संजीव कुमार, डीसी मनरेगा, मृणाल सिंह, डीडीओ योगेंद्र पाठक आदि मौजूद रहे।