पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के ईएनटी कक्ष में में मरीज देखती चिकित्सक शालिनी त्रिपाठी।संवाद
पीलीभीत। बदलते मौसम में बुखार-जुकाम और गले में खराश ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। खानपान में जरा सी लापरवाही से गले में खराश बन जा रही है। जो आठ से 10 दिन तक ठीक नहीं हो रही। दवा भी कुछ खास असर नहीं कर पा रही है। ऐसे में जिला अस्पताल में फिजिशियन और नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ के यहां भीड़ जुट रही है।
मौसम में बदलाव लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। बुखार, सर्दी, सिरदर्द, खांसी और गले में इंफेक्शन (खराश) के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसकी वजह ठंडी चीजों का सेवन और खानपान में बरती गई लापरवाही बताई जा रही है।
दोपहर के समय बाहर से आने पर ठंडा पानी पीना सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। डॉ. शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि बदलते मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। खांसी और गले में खराश होने पर गुनगुने पानी का सेवन करें। नमक मिले पानी की भाप लें। बाइक पर चलते समय तेज हवा से बचने के लिए मुंह और नाक को ढक कर रखें। ठंडी और खट्टी चीजों के सेवन से परहेज करें। समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के ईएनटी कक्ष में में मरीज देखती चिकित्सक शालिनी त्रिपाठी।संवाद