पीलीभीत। राशन कोटे की दुकान आवंटन के सिलसिले में रुपये के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे बरखेड़ा बीडीओ पीएन द्विवेदी पर कार्रवाई हुई। जनपद स्तर से हुई जांच में दोषी पाए जाने के बाद भेजी गई रिपोर्ट पर शासन स्तर से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। बीडीओ के निलंबन की कार्रवाई के बाद विकास विभाग में खलबली मची रही।
दो माह पहले बिलसंडा में तैनाती के दौरान का बीडीओ पीएन द्विवेदी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वह एक व्यक्ति से रुपये का लेनदेन करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल करने वाले ने बिलसंडा क्षेत्र के एक गांव में राशन कोटे की दुकान के चयन के संबंध में लेनदेन किए जाने की बात कही थी। इसी बीच पीएन द्विवेदी का तबादला बिलसंडा से बरखेड़ा हो गया था। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डीएम पुलकित खरे ने जांच कराई। सीडीओ श्रीनिवास मिश्र ने वीडियो को देखा और फिर इससे जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज किए थे। सीडीओ की जांच में बीडीओ पर लेनदेन के आरोप सही निकले। इसकी पत्रावली डीएम के माध्यम से कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी गई थी। यह तय माना जा रहा था कि भ्रष्टाचार को लेकर शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई होगी और ऐसा हुआ भी। शासन ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए बीडीओ को निलंबित कर दिया है। सीडीओ श्रीनिवास मिश्र ने बताया कि बीडीओ बरखेड़ा को पुराने मामले में दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है।
जांच दबाने का भी बनाया था दबाव
इस मामले में सीडीओ ने जांच शुरू कर दी थी। मगर कोई लिखित शिकायत नहीं हुई थी। ऐसे में बीडीओ ने खुद के बचाव के लिए काफी प्रयास किए थे। मामले को दबाने की भी कोशिश की थी। मगर सीडीओ ने गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल की और अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी थी। इससे पहले भी सीडीओ की जांच पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। मनरेगा में निजी फर्म और फर्जी मस्टररोल बनाकर करोड़ों का घोटाला किया गया था। इस मामले में भी सीडीओ ने जांच करके शासन को रिपोर्ट दी थी और सख्त कार्रवाई करते हुए एपीओ, तीन रोजगार सेवक बर्खास्त कर जेल भेजे गए थे।