पूरनपुर। धोखाधड़ी कर केसीसी ऋण लेने के आरोप में जेल जा चुके मोहल्ला बमनपुरी निवासी रामभजन ने माधोटांडा स्थित स्टेट बैंक शाखा के तत्कालीन फील्ड ऑफिसर पर गलत अभिलेख प्रस्तुत कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रामभजन की ओर से तत्कालीन फील्ड ऑफिसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
रामभजन ने बताया कि माधोटाडा स्टेट बैंक शाखा से 651000 रुपये केसीसी ऋण लिया था। जांच में अभिलेखों में धोखाधड़ी होने का मामला मिलने पर भारतीय स्टेट बैंक माधोटांडा के शाखा प्रबंधक रत्नेश सिंह ने उसके खिलाफ तीन मार्च 2024 को कोर्ट के आदेश पर माधोटांडा थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।
माधोटांडा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब रामभजन ने बैंक शाखा के तत्कालीन फील्ड ऑफिसर पर कथित डिस्चार्ज सार्टिफिकेट, नोटरी बनवाकर दाखिल करने का आरोप लगाया। उसका तर्क है कि बैंक शाखा से केसीसी ऋण लेते समय उसने जमीन की फर्द, आधार कार्ड आदि अभिलेख बैंक शाखा प्रबंधक को दिए थे।
बैंक शाखा प्रबंधक ने उसे फील्ड ऑफिसर से मिलवाकर उसका ऋण कराने को कहा। ऋण होने के साल बाद उसके अभिलेख ऑनलाइन चेक किए गए। जिसमें बड़ौदा बैंक उत्तर प्रदेश ग्रामीण शाखा पूरनपुर से तीन लाख रुपये का ऋण लेने की बात सामने आई। केसीसी ऋण लेते समय उसने बैंक बड़ौदा का कोई डिस्चार्ज सर्टिफिकेट दाखिल नहीं किया था।
कथित डिस्चार्ज लेटर धोखाधड़ी कर फील्ड ऑफिसर की ओर से दाखिल किया गया। कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रामभजन की ओर से स्टेट बैंक शाखा माधोटांडा के तत्कालीन फील्ड ऑफिसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।