चार दिन से लिए थे शरण, खुफिया इनपुट के बाद पहुंची पुलिस
बताया जाता है कि बांग्लादेशी दंपती चार दिन पूर्व से गभिया सहराई गांव में शरण लिए हुए थे। इसकी किसी को भनक नहीं लग सकी। खुफिया एजेंसी को इस बात का इनपुट मिला। इसके बाद एसएसबी और पुलिस की टीम ने गांव में पहुंचकर दंपती को पकड़ा और थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की है।
पहले भी होती रही है घुसपैठ
पीलीभीत में शारदा सागर डैम की तलहटी में बसे विस्थापित परिवारों की आड़ में बांग्लादेश के लोग अवैध रूप से घुसपैठ करते रहे। यही वजह है कि कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें नागरिकता प्रमाण न होने से आजतक मतदान का अधिकार नहीं मिल सका। मंगलवार को गभिया सहराई गांव के एक घर से बांग्लादेशी दंपती के पकड़े जाने के बाद अफसर गंभीर हुए। पूछताछ के दायरे को बढ़ाया गया है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा सागर डैम की तलहटी में वर्ष 1965 से लेकर 71 तक पूर्वी पाकिस्तान से आए लोगों को सरकार के आदेश के बाद बसाया गया था। उनको भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन कुछ वर्षों बाद विस्थापित परिवारों की आड़ में बांग्लादेश के लोग अवैध तरीके से यहां आकर बसने लगे। बंगाली परिवारों की संख्या बढ़ने से कई तरह की अड़चनें सामने आने लगी।
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वर्ष 1991 में जमीन का मालिकाना हक छीन लिया गया। उसके पीछे बढ़ती संख्या कारण माना गया। इसके साथ ही तलहटी में बसे कई परिवारों के सामने नागरिकता की चुनौती भी सामने आई। नागरिकता प्रमाणपत्र न होने से उन्हें मतदान का अधिकार भी नहीं दिया गया। इनमें कई ऐसे परिवार हैं जिनकी तीसरी पीढ़ी नागरिकता प्रमाणपत्र के लिए संघर्ष कर रही है।