फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरीदी गई जमीन पर नहीं मिला कब्जा, आहत किसान ने नहर में लगाई छलांग

विज्ञापन
विज्ञापन
जराकोठी (पीलीभीत)। खरीदी गई जमीन पर कब्जा न मिलने से आहत किसान ने खुदकुशी करने की कोशिश की। परिवार वालों को बिना बताए घर से निकलने के बाद निगाही ब्रांच नहर में छलांग लगा दी। अपने खेत पर जा रहे पड़ोस में रहने वाले कुछ रिश्तेदारों ने देखा तो पीछे से नहर में कूदकर किसान को बचाया। जिला अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। अब परिवार ने दोबारा एसपी के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई।
विज्ञापन

गजरौला थाना क्षेत्र के पौरखास गांव के निवासी 35 वर्षीय किसान बलजीत सिंह पुत्र कश्मीर सिंह मंगलवार सुबह सात बजे चाय पीने के बाद चुपचाप घर से निकल गए। इसके बाद मकान से करीब 100 मीटर दूर पहुंचकर वहां निगोही ब्रांच नहर में छलांग लगा दी। उसी समय पड़ोस में ही रहने वाले रिश्तेदार कलजिंदर सिंह और अवेंद्र सिंह अपने खेत पर जा रहे थे। उन्होंने बलजीत को नहर में छलांग लगाते देख लिया। इस पर वे बचाने को नहर में कूद गए और बमुश्किल बलजीत को नहर से बाहर निकाल लिया। किसान के खुदकुशी करने की कोशिश का शोर मचते ही परिवार वाले और आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। आनन फानन में बलजीत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां कुछ देर चले इलाज के बाद हालत में सुधार हो गया। परिवार वालों ने दो साल पहले खरीदी गई जमीन पर कब्जा न मिल पाने को इसके पीछे वजह बताते हुए एसपी से गुहार लगाई। इधर, घटना का पता लगते ही पुलिस विभाग में भी खलबली मच गई। पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
एसपी के नाम लिखा था सुसाइड नोट
नहर में छलांग लगाने से पहले किसान एसपी के नाम एक सुसाइड नोट लिखकर घर पर छोड़ गया था। घटना के बाद परिवार वालों ने सुसाइड नोट दिखाया। इसमें भी जमीन के विवाद को ही वजह बताया गया है। यह भी कहा है कि पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो सका।
विज्ञापन

यह है जमीन का पूरा मामला
बलजीत सिंह के परिवार वालों के मुताबिक दो साल पहले उन्होंने नदहा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति से साढ़े सात एकड़ जमीन वर्ष 2018 में आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी थी। जमीन पर 35 लाख रुपये का लोन पहले से था। इसलिए जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो सका। वही लोग लोन निपटा रहे थे। जमीन खरीदने के बाद से ही जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। चार माह पूर्व जमीन बेचने वाले व्यक्ति का बेटा यूरोप से वापस आया और विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद 22 जून को कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पांच लोगों को मौके से हिरासत में लिया था। एक लाइसेंसी रायफल, तीन वाहन भी कब्जे में लिए थे। पुलिस की तरफ से आर्म्स एक्ट और निषेधाज्ञा उल्लंघन के तहत रिपेेर्ट दर्ज की गई थी। पांचों लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया था।
दो पक्षों में जमीन का विवाद है। इसमें कोर्ट का भी किसी पक्ष को कब्जा दिलाने संबंधी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिस कब्जा नहीं दिला सकती। पुलिस के स्तर से कहीं कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। आलाधिकारियों को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी है। - प्रवीण मलिक, सीओ सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें