- जलसे में मौलानाओं ने की इस प्रथा का सामाजिक रूप से बहिष्कार करने की अपील
बीसलपुर। मुरादाबाद से आए हजरत मौलाना मुख्त्यार ने कहा कि शादी में दहेज मांगना भीख मांगने के बराबर है। इस प्रथा का सामाजिक रूप से बहिष्कार होना चाहिए।
मोहल्ला ग्यासपुर में चल रहे दो दिवसीय सालाना जलसा ए गौसिया के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि नेक बीवी घर में खुशहाली लाती है। दहेज से बरकत नहीं होती। संभल से आए मौलाना मुफ्ती आलम ने फरमाया कि कुरान की तामील पर अमल करोगे तो हर बुरे काम से बचे रहोगे। बरेली से आए हजरत फुरकान रजा ने कहा कि अपने मां-बाप की खिदमत करोगे तो जन्नत नसीब होगी।
संभल से ही आए सैय्यद मुफ्ती अहमद अली ने कहा कि कयामत के दिन इंसान के अच्छे अमाल काम आते हैं, जिससे उसको जन्नत मिलती है। बरेली से आए सायरे इस्लाम रिजवान राजा ने कलाम पेश किए। कार्यक्रम की शुरूआत हाफिज अहद ने कलाम पाक की तिलाबत से किया। सदारत कारी अजीम ने और संचालन मुन्नबर रजा ने किया। जलसे का समापन कारी लुकमान ने दुआओं के साथ किया। आयोजन समिति के अरसद हुसैन ने आगंतुकों का शुक्रिया अदा किया। व्यवस्था में लल्ला भाई, हाफिज इरफान, मोहम्मद आरिफ, यामिन अहमद, अब्दुल रसीद आदि का विशेष सहयोग रहा।