पीलीभीत। विभिन्न आरोपों में जांच के घेरे में आए ग्राम पंचायत सचिवों पर दर्ज हुईं रिपोर्ट के कारण कर्मचारियों रोष है। कर्मचारियों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन में कार्रवाई वापस न लेने की स्थिति में पूर्ण कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जाने की बात कही है।
मरौरी ब्लॉक के सभागार में एकत्र हुए ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों की पवन पटेल की अध्यक्षता में बैठक हुई। सात सूत्रीय मांगपत्र सीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि दो दिन पूर्व ग्राम पंचायत सचिव लाल बहादुर मौर्या, महेंद्र सिंह और रिजवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
एफआईआर को नियम विरुद्ध बताकर वापस लेने की बात कही गई। तीन दिन के भीतर कार्रवाई वापस न करने की स्थिति में जनपद में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सामूहिक रूप से पूर्ण कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई। प्राथमिकी दर्ज करने में तथ्यों को छिपाने की बात कहकर जांच कराने की भी मांग की गई।
इसके अलावा सचिव राकेश वर्मा, हरीश भारती और ग्राम विकास अधिकारी लालबहादुर मौर्या का निलंबन आदेश वापस लेने के साथ वायरल वीडियो की जांच कर दोनों पक्षों को सुनने के बाद कार्रवाई करने की बात लिखी गई।
लाभार्थी पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए न किया जाए मजबूर - पंचायत सचिवों ने सीडीओ को ज्ञापन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों द्वारा अगर आवास निर्माण पूर्ण नहीं कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति में लाभार्थियों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए पंचायत सचिवों पर दबाव न डाला जाए।