पंजाब के फगवाड़ा में जिस स्कार्पियो गाड़ी से खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के पहुंचने की बात सामने आ रही है, वह पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे के सेवादार जोगा सिंह इस्तेमाल कर रहे थे। यह दावा बड़ेपुरा स्थित गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह ने किया है।
बाबा मोहन सिंह का कहना है कि यह गाड़ी भले ही मेरे नाम पंजीकृत है, मगर इसे पिछले चार माह से जोगा सिंह इस्तेमाल कर रहे थे। चार दिन पहले ही जोगा सिंह पंजाब जाने की बात कहकर गए थे। चर्चा है कि जोगा सिंह और उनका चालक गुरवंत सिंह पंजाबी पुलिस की हिरासत में है।
पंजाब के फगवाड़ा में बुधवार को एक स्कॉर्पियो बरामद हुई थी। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर उत्तराखंड का था। गाड़ी पीलीभीत जनपद के अमरिया स्थित बड़ेपुरा गुरुद्वारे के मुख्यग्रंथी बाबा मोहन सिंह के नाम पर पंजीकृत थी।
उन्होंने कहा कि चार दिन पहले फोन पर हुई बातचीत में जोगा सिंह ने बताया था कि वह कार लेकर सेवा में पंजाब जा रहे हैं। उसके बाद से जोगा सिंह से कोई संपर्क नहीं हो सका। उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है। सोशल मीडिया से पता चला है कि यह गाड़ी पंजाब में बरामद की गई है। इससे अमृतपाल पंजाब गया था।
मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह ने बताया कि पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे का सेवादार जोगा सिंह करीब छह माह पहले पंजाब से यहां आए थे। इससे पहले वह पंजाब के सानेवाल डेरे में करीब 15 साल तक रहे। जोगा सिंह और अमृतपाल के आपसी कनेक्शन को लेकर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। यह भी बताया कि अमृतपाल, जोगा सिंह के साथ कार में सवार होकर गया या नहीं या फिर किस तरह से दोनों में आपसी कनेक्शन हुआ इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।