पीलीभीत। जिला सीतापुर में तैनात सचिव ने अपनी पूरनपुर ब्लॉक में तैनाती के दौरान नियम विरुद्ध आवासों का आवंटन किया था। यही नहीं अभिलेखों में हेरा-फेरी कर अन्य अपात्रों के खातों में आवास की धनराशि को भेज दिया। पूर्व में इंदिरा आवास योजना का लाभ लेने वालों को भी प्रधानमंत्री आवास दे दिए। मामले में लोकायुक्त के पास शिकायत की गई थी। जांच के बाद अब सचिव को दोषी मानते हुए एक वर्ष की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई है। प्रतिकूल प्रविष्टि भी जारी करते हुए दोषी सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सीतापुर जिले में मौजूदा समय में तैनात सचिव जितेंद्र कुमार वर्ष 2016-17 में पूरनपुर ब्लॉक के गांव पिपरा मुजप्ता में सचिव के पद पर थे। उस दौरान प्रधानमंत्री आवासों के आवंटन में घपलेबाजी की शिकायत विनोद कुमार ने लोकायुक्त के सामने पेश होकर की थी।
शिकायत पर निदेशक पंचायतीराज ने सीतापुर डीपीआरओ को निर्देश दिए। जहां से कार्रवाई करते हुए आदेश पीलीभीत भेजा गया। इसमें कहा गया है कि सचिव जितेंद्र कुमार पर रोजगार सेवक वेदप्रकाश की मां का नाम बदलकर आवास की धनराशि जारी करने का आरोप सिद्ध हुआ है।
कंप्यूटर ऑपरेटर अजयपाल और कुरेंद्र पाल से मिलीभगत कर वास्तविक पात्र के नाम आवास की धनराशि न भेजकर कंप्यूटर ऑपरेटर के भाई को देने का मामला भी सही पाया गया है। इसके अलावा अन्य कई आरोप भी सही पाए गए। इसपर दोषी तत्कालीन सचिव जितेंद्र कुमार की वित्तीय वर्ष 2024-25 एक वर्ष की वेतनवृद्धि को रोक दिया गया है। साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि भी जारी की गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि दोषी सचिव पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए एडीओ पंचायत पूरनपुर को निर्देश दिए गए हैं।