पीलीभीत के पूरनपुर निवासी हर्षित मिश्रा बदायूं के दातागंज क्षेत्र में स्थित एचपीसीएल प्लांट में उप प्रबंधक थे। बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े अजय प्रताप सिंह नाम के पूर्व कर्मचारी ने हर्षित मिश्रा और प्लांट के मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड पर अलंकार अग्निहोत्री ने यूपी सरकार, एचपीसीएल और बदायूं जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शुक्रवार देर रात बदायूं के एसपीसीएल प्लांट में हुई हर्षित मिश्रा की हत्या से शोकाकुल परिजनों को ढाढ़स बंधाने उनके घर पूरनपुर पहुंचे। अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार, एचपीसीएल और बदायूं जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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अलंकार अग्निहोत्री ने पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर पर भी गंभीर सवाल उठाए। कहा कि हत्याकांड के समय जो लोग मौजूद थे, उनकी बजाय तीसरे व्यक्ति की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि जातिवादी सरकार है, एक जाति को बचाने के लिए कार्य कर रही है। जिला प्रशासन का कोई भी व्यक्ति न तो बदायूं पहुंचा और न ही हर्षित के घर आया। उन्होंने कहा कि एचपीसीएल के अफसर पीड़ित के घर आने के बजाय परिजनों को ही बरेली बुला रहे हैं। इनके बिल्कुल संवेदनशीलता नहीं है।
'यहां के सांसद की तो खैर बात ही छोड़ो'
अलंकार अग्निहोत्री ने विधायक, सांसद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीलीभीत के सांसद और विधायक को तो आप जानते ही हैं। यहां के सांसद.. खैर छोड़ो किसकी बात कर रहे हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने घटना के मौजूद एचपीसीएल के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
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बदायूं में हुई थी हर्षित समेत दो अफसरों की हत्या
बदायूं के दातागंज इलाके में एचपीसीएल प्लांट में बृहस्पतिवार को मुख्य प्रबंधक (परियोजना) सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गई थी। आरोपी अजय प्रताप सिंह ने प्लांट में घुसकर दोनों अफसरों को गोलियां मारी थीं। हर्षित मिश्रा पीलीभीत के पूरनपुर के निवासी थी।