पूरनपुर। औने-पौने दामों में खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में चढ़ाने का खेल कुछ धान खरीद केंद्रों पर हो रहा है। इस खेल में 240 रुपये प्रति क्विंटल तक बिचौलिए कमा रहे हैं।
किसानों के पास धान जब तैयार हुआ तो अधिकतर धान खरीद केंद्र मंडी समितियों में थे। मगर जब किसानों के पास धान समाप्त हो गया। तब जिले की मंडियों से 32 धान खरीद केंद्र हटाकर गांवों में शिफ्ट कर दिए गए। धान खरीद शुरू हुई तक नियम इतने सख्त थे कि किसानों को लग रहा था कि अबकी बार उनका धान आसानी से खरीद केंद्रों नहीं बिक पाएगा। खरीद केंद्रों पर धान बिक्री को पंजीकरण, सत्यापन, ऋण की अदायगी आदि तमाम झंझटों को देखते हुए किसानों ने मजबूरन औने-पौने दामों में धान की बिक्री कर दी। इसके बाद कुछ बिचौलिए औने-पौने दामों में खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में चढ़वाने के जोड़-तोड़ में लगे थे। मंडी समितियों से हटाकर गांवों में खरीद केंद्रों के पहुंचने पर औने-पौने दामों में खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में चढ़वाने और चढ़ाने का मौका बिचौलियों के हाथ लग गया। कुछ खरीदकर्मियों से मिलकर अपना धान किसानों के नाम पर बिचौलिए बेच रहे हैं। इसमें किसानों को भी लालच देकर फंसाया गया है।
मजबूरी में अंगूठा लगाने को पहुंच रहे किसान
जब किसानों ने जरूरत पर औने-पौने दामों में धान की बिक्री की थी। तब माफियाओं और बिचौलियों के बीच कुछ किसानों का एक आपसी करार तय हुआ था। इसमें धान खरीद केंद्र पर अंगूठा लगाने पर धान का रेट 1700 से साढ़े 1700 रुपये प्रति क्विंटल देना तय हुआ। जिसने जरूरत पर अंगूठा लगाने की सहमति का करार नहीं किया। उनका धान 1400 से 1450 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया। धान खरीद चढ़वाने को किसानों को खरीद केंद्र पर भेजकर उनके हाथ का अंगूठा मशीन पर लगाया जा रहा है। भुगतान हासिल करने के लिए किसान से पहले ही अगली तिथियों के चेक ले लिए जाते हैं।
धान खरीद में चल रहा खेल
धान की एक क्विंटल खरीद पर 240 रुपये तक का खेल हो रहा है। इसमें खरीद चढ़ाने वाले की तो सबसे अधिक मौज है। बगैर कुछ लागत लगाए ही वे खेल में कमा रहे हैं। बिचौलियों का धान, सरकारी खरीद में दर्शाने के खेल में सौ से लेकर सवा सौ रुपये प्रति क्विंटल की वसूली होती है।
12 सौ और साढ़े 12 सौ में खरीदा गया धान अब सरकारी धान खरीद में चढ़ाया जा रहा है। धान खरीद केंद्रों पर मात्र-एक-दो किसानों का धान पहुंच रहा है। मगर तेजी से खरीद के आंकड़े बढ़ रहे हैं। अपराह्न तीन बजे के बाद मंडी समिति के खरीद केंद्रों कारों से किसान अंगूठा लगाने पहुंचते हैं। निर्माणाधीन खाली पड़े ई-नाम कार्यालय भवन में किसानों के अंगूठे लगवाए जाते है। देहात के खरीद केंद्रों का और भी बुरा हाल है। मंडी में मिलीभगत से गेटपास और चालान भी बन रहे है। मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। घपलेबाजी न रुकने पर आंदोलन होगा।
- स्वराज सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष
खरीद केंद्रों पर किसानों के धान की आवक अब शून्य हो गई है। बिचौलियों के धान की खरीद सरकारी खरीद में दिखाई जा रही है। गांवों में भेजे गए सभी खरीद केंद्र मंडी में लगे और कैमरों की निगरानी में खरीद हो। गड़बड़ी पर मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। - मनप्रीत
मंडी समिति प्रवेश पर्ची, गेट पास में कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है। इसकी जांच करूंगा। अगर गड़बड़ी मिली तब कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
- सर्वेश शुक्ला, मंडी समिति सचिव
धान खरीद केंद्रों पर अभी धान की आवक हो रही है। गांवों में लगाए गए खरीद केंद्रों पर भी धान आ रहा है। औने-पौने दामों में खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में चढ़ाने की कोई शिकायत नहीं मिली है और न ही धान चढ़ाया जा रहा है।
- ज्ञानचंद वर्मा, डिप्टी आरएमओ