सरकारी खरीद बढ़ाने को
शासन के निर्देश पर जिले में 59 कमीशन एजेंट नियुक्त किए गए हैं। इसके बाद
भी सरकारी खरीद में तेजी नहीं आ पा रही है। क्रय केंद्रों से गेहूं रिजेक्ट
किए जाने से किसानों को आढ़तों पर गेहूं बेचना पड़ रहा है।
जिले में
सरकारी गेहूं खरीद को 1.32 लाख मीट्रिक का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए 144
क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर मंगलवार शाम तक करीब 800 मीट्रिक
टन गेहूं खरीद जा चुका है। सरकारी खरीद के लिए इस बार शासन ने आढ़तों से
भी कमीशन पर खरीद के निर्देश दिए थे(
जिसपर खाद्य विभाग ने आढ़तियों से मिले
प्रस्ताव पर कमीशन एजेंटोें की सूची तैयार की है। इस सूची को बुधवार को
डीएम ने स्वीकृति प्रदान कर दी। डिप्टी आरएमओ ईश्वर चंद्र गुप्ता ने बताया
कि शहर मंडी के अलावा पूरनपुर, बिलसंडा और अमरिया में मिलाकर कुल 59 कमीशन
एजेंट नियुक्त किए हैं। सभी को खरीद शुरू करने के निर्देश भी दे दिए गए
हैं।
सरकारी केंद्र सूने, मंडी में लग रहे ढेर
पीलीभीत।
गेहूं की गुणवत्ता का बहाना बनाकर किसानों को क्रय केंद्रों से लौटाया जा
रहा है। इस पर मजबूर किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और यहां आढ़तों
पर कम दाम पर अपनी फसल बेच रहे हैं। मंगलवार शाम तक सरकारी गेहूं खरीद
मात्र 800 मीट्रिक टन तक ही पहुंच सकी थी जबकि मंडी में लगातार आवक बढ़ रही
है।
बुधवार को मंडी में करीब सात हजार क्विंटल की आवक दर्ज की गई। इसमें
गेहूं की क्वालिटी और नमी के अनुसार 1250 रुपये से लेकर 1360 रुपये तक खरीद
हुई। वहीं अच्छा और बीज की क्वालिटी का गेहूं 1580 रुपये तक खरीदा गया।