पूरनपुर। रपटा नाला में डूबे किशोर का शव दूसरे दिन बृहस्पतिवार को घटना स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर मिल गया। किशोर का दाया हाथ गायब है। हाथ को मगरमच्छ के खाने की आशंका पुलिस व्यक्त कर रही है। करीब एक दशक पहले किशोर के एक भाई की भी कुंडा नाला में डूबकर मौत हुई थी। किशोर का शव मिलने पर उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया।
हजारा थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी रामवचन का 15 वर्षीय पुत्र धनंजय बुधवार शाम करीब चार बजे रपटा नाला में डूब गया था। वह रपटा नाला में घुसी भैंस निकालने की कोशिश कर रहा था। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर किशोर की तलाश शुरू कराई थी। मगर बुधवार अंधेरा होने तक उसका शव नहीं मिल सका। बृहस्पतिवार को स्थानीय गोताखोरों के अलावा पीएसी की टीम को मौके पर बुलाया गया। सीओ लल्लन सिंह ने बताया कि पीएसी की टीम ने घटना स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर धनंजय का शव खोज निकाला। शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है। धनंजय का शव मिलने पर उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया। धनंजय ने लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी।
किशोर का शव जब पानी से निकालकर बाहर लाया गया। तब उसका दाहिना हाथ कंधे के पास से गायब था। एसओ हजारा उमेश सोलंकी ने बताया कि जिस पानी में किशोर डूबा था। उसमें कई मगरमच्छ है। गोताखोर बमुश्किल उसमें घुसने का साहस जुटा सके। उन्होंने बताया कि किशोर का हाथ मगरमच्छ के खाने की आशंका लग रही है।
एक दशक पहले मृतक का छोटा भाई डूबा था
धनंजय अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके मझले भाई गोलू की भी 10 साल पहले कुंडा नाला में डूबने से मौत हो गई थी। गोलू भी भैंस चराने गया था। धनंजय की डूबकर हुई मौत पर उसके परिवार वालों को 10 साल पहले हुई धटना याद आने से कोहराम मच गया।