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Pilibhit News: स्कूल में ही दुकान लगाकर बेच रहे थे महंगी किताबें, जुर्माने का नोटिस

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नियमों के उल्लंघन पर डीपीएस से स्पष्टीकरण मांगा
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पीलीभीत। निजी विद्यालय दिल्ली पब्लिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान यहां किताबों की दुकान संचालित कर महंगे दामों पर किताबें बेचने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए विद्यालय प्रबंधन से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। एक लाख रुपये के जुर्माने के लिए नोटिस भी भेजा है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सात अप्रैल को किए गए निरीक्षण में निजी विद्यालय में अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ था। निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय परिसर में ही किताबों की दुकान संचालित कर छात्रों को महंगे दामों पर किताबें बेची जा रही थीं। जांच में सामने आया कि कक्षा 1, 2, 3 सहित अन्य कक्षाओं की पुस्तकें निर्धारित दर सूची के विपरीत अधिक कीमतों पर बेची जा रही थीं। इतना ही नहीं, विद्यालय में संचालित की जा रही पुस्तकें एनसीईआरटी मानकों के अनुरूप भी नहीं पाई गईं।
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उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं संशोधित अधिनियम 2020 के तहत की गई जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार विद्यालय में शासनादेशों का उल्लंघन किया जा रहा है।
प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि समय से स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो प्रकरण को जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत कर एकपक्षीय निर्णय लिया जाएगा। संवाद
मामले को जिला समिति के सामने रखा जाएगा : डीआईओएस
डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली पब्लिक स्कूल को एक लाख रुपये का नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसे जिला समिति के सामने भी रखा जाएगा। अन्य स्कूलों की जांच भी की जा रही है। संवाद
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स्कूल के पुस्तकालय के लिए किताबें आई थीं। किसी ने इसका वीडियो बना लिया। इसी को लेकर जांच हुई है। हमने जिला विद्यालय निरीक्षक के सामने अपना पक्ष रखा है। किताबें बिक्री नहीं हो रही थीं।

- सुमित अरोड़ा, सह निदेशक दिल्ली पब्लिक स्कूल
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