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Pilibhit News: अंश गलत दर्ज हो जाने से 50 हजार किसान परेशान, अधिकारी मौन

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​शिव सरन।
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बीसलपुर। राजस्व अभिलेखों मेें अंश गलत दर्ज हो जाने से तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 50 हजार से अधिक किसान पिछले डेढ़ वर्ष से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। राजस्व अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।
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करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शासन ने निर्देश दिए थे कि राजस्व अभिलेखों मेंं सभी किसानों के अंश दर्ज किए जाएं। अब तक राजस्व अभिलेखों में किसानों का नाम, पता, गांव और खेत नंबर का तो उल्लेख था, लेकिन अंश का उल्लेख नही था।
अंश का उल्लेख केवल बैनामे में था। शासन ने यह भी निर्देश दिया था कि लेखपाल किसानों के घर-घर जाकर उनकी जमीन के बैनामे देखकर राजस्व अभिलेखों में उनके अंश दर्ज करें। अधिकतर लेखपालों ने किसानों के घर जाने के बजाए तहसील कार्यालय में बैठे-बैठे ही राजस्व अभिलेखों में उनके अंश दर्ज कर लिए।
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लेखपालों ने जिस खेत में जितने हिस्सेदार थे, उन सबका बराबर-बराबर अंश दर्ज कर दिया। जबकि अधिकतर खेतों के हिस्सेदार कई थे, ऐसे में उनका अंश बराबर दर्ज नहीं हुआ।



इसको लेकर तहसीलदार न्यायालय में मुकदमे भी दायर किए गए। अब राजस्व अधिकारी संबंधित किसानों से कहने लगे हैं कि राजस्व परिषद ने इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए विशेष पोर्टल बना दिया है। प्रभावित किसान इस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जागरूक किसानों और अधिवक्ताओं ने इस पोर्टल को खोजने का काफी प्रयास किया , लेकिन यह राजस्व परिषद की वेबसाइट पर नहीं दिख रहा है। (संवाद)

अंश सही कराने के लिए तहसील कार्यालय के डेढ़ वर्ष से चक्कर लगा रहा हूं। चक्कर लगाते-लगाते परेशान हो गया, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी है।
- शिवसरन गांव भगवंतपुर करोड़

अंश सही कराने के लिए पिछले सवा वर्ष से राजस्व अधिकारियों के चक्कर लगा रहा हूं। अधिकारी समस्या का समाधान करना तो दूर समस्या को सही ढंग से सुन तक नहीं रहे हैं।
- राहुल शंखधार, मोहल्ला दुबे

उनके पास इस तरह के एक दर्जन मुकदमे हैं। वादी गांव हाफिजनगर बन्हाई निवासी दयाराम और गांव नरायनपुर के एक किसान की तहसील के चक्कर लगाते-लगाते म़ृत्यु हो चुकी है।
- श्यामाचरन गंगवार, अधिवक्ता

इस तरह के मामलों का एक साथ निस्तारण करने के लिए प्रार्थना पत्र जमा किए जा रहे थे। इस बीच राजस्व परिषद ने इन मामलों के निस्तारण के लिए एक विशेष पोर्टल बना दिया है। अब पीड़ित किसान उसी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएंगे। इसके बाद शिकायत का निस्तारण होगा।
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- करम सिंह, तहसीलदार

शिव सरन।

शिव सरन।

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