पीलीभीत। खाद्य पदार्थों का नमूना फेल होने के बाद दायर मुकदमों के निस्तारण ने तेजी पकड़ी है। कभी छेना, पनीर तो खोया का नमूना फेल के वाद में दुकानदार पर लाखों रुपये का जुर्माना लग रहा है। हर तीसरे दिन खाद्य सुरक्षा से जुड़े किसी न किसी मुकदमे का निस्तारण हो रहा है। बीते 13 माह में एडीएम कोर्ट में खाद्य सुरक्षा से संबंधित 240 वाद निस्तारित किए गए हैं।
दो दिन पहले एडीएम वित्त एवं राजस्व न्यायालय ने खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दायर वाद का निस्तारण किया है। कस्बा जहानाबाद के बिलई तिराहा पर स्थित वली हसन की दुकान से लिया गया बर्फी का नमूना फेल होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बर्फी का नमूना खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जुलाई 2023 में लिया था।
परीक्षण में बर्फी की क्वालिटी घटिया पाई गई। करीब दस दिन पूर्व भी एडीएम न्यायालय से वाद का निस्तारण किया गया था। खाद्य पदार्थों से जुड़े वादों का निस्तारण के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर तीसरे–चौथे दिन एक वाद निस्तारित हो रहा है। एडीएम ऋतु पूनिया ने एक फरवरी 2024 से 31 मार्च 2025 तक 240 वादों का निस्तारण किया है। सभी वादों में जुर्माना लगाया गया है। वसूली के लिए तहसीलों से आरसी जारी की जा रही है।
जुर्माना वसूली पर भी दिया जा रहा जोर
एडीएम न्यायालय से निस्तारित वादों में एक करोड़ 65 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें अब तक करीब 26 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष धनराशि जमा कराने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। एडीएम ऋतु पूनिया ने बताया कि वाद निस्तारण के साथ ही जुर्माना वसूली पर भी जोर दिया जा रहा है।