पीलीभीत। पिछले चार दिन से पिंजरे में कैद तेंदुआ रविवार को आजाद कर दिया गया। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद पहले उसका मेडिकल परीक्षण किया गया। फिर अफसरों की मौजूदगी में तेंदुए को टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में छोड़ा गया।
बराही रेंज के सीमावर्ती इलाके में पिछले छह महीने से तेंदुए का आतंक था। ग्राम नौजल्हा, बूंदीभूड़, गभिया सहराई, महाराजपुर आदि गांवों की आबादी में चहलकदमी कर तेंदुए मवेशियों को निवाला बना रहे थे। पूर्व में दो नर तेंदुए कैद करके जंगल क्षेत्र में छोड़ दिए गए थे। मगर तीसरा तेंदुआ इलाके में दहशत फैलाए था। उसे पकड़ने के लिए नौजल्हा गांव में एक पिंजरा लगाया गया था। बृहस्पतिवार को तेंदुआ पिंजरे कैद हो गया था। पिंजरे में बंद तेंदुए को बराही गेस्ट हाउस में रखा गया था। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई थी। शनिवार देर शाम तेंदुए को छोड़े जाने के निर्देश मुख्यालय की ओर से दिए गए। रविवार को चिकित्सकों की टीम ने तेंदुआ का मेडिकल परीक्षण किया। इसके बाद फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन व डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार की मौजूदगी में तेंदुए को टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से छोड़े जाने वाले क्षेत्र को गोपनीय रखा गया है।
तेंदुए ने आजादी से पहले खाया मुर्गा
तीन दिन तक पिंजरे में कैद रहे तेंदुए का प्रतिदिन मेडिकल परीक्षण किया जाता था। रविवार को छोड़े जाने से पूर्व पिंजरे में तेंदुए को मुर्गे का मांस दिया गया था।
शनिवार देर शाम मुख्यायल से निर्देश प्राप्त हुए थे। रविवार को मेडिकल परीक्षण के बाद तेंदुए को टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से लोकेशन को गोपनीय रखा गया है। - आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर