पीलीभीत। जिले के भीतर समायोजन/पारस्परिक स्थानांतरण को लेकर बीएसए कार्यालय में रविवार को दोबारा हुई सरप्लस शिक्षकों की काउंसलिंग के दौरान शिक्षक शिक्षिकाओं ने अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। काउंसलिंग में पहुंचे एडीएम अतुल सिंह ने शिक्षक शिक्षिकाओं को समायोजन के नियमों के बारे में बताया, इसके बावजूद शिक्षक संतुष्ट नहीं दिखे, हालांकि छिटपुट शिकायतों के बीच शाम करीब साढ़े चार बजे काउंसलिंग निपटा दी गई।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जिले के अंदर समायोजन 15 जुलाई तक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में 12 जुलाई को सरप्लस शिक्षकों की काउंसलिंग कराई गई थी, लेकिन तीन ब्लॉकों द्वारा सूची भेजने में गड़बड़ी कर दी गई। जानकारी मिलने पर अगले दिन हुई काउंसलिंग को निरस्त करते हुए 14 जुलाई को पुन: एमडीएम की वास्तविक औसत उपस्थिति के अनुसार काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया गया। बीएसए कार्यालय में रविवार को पुन: काउंसलिंग शुरू हुई। काउसंलिंग शुरू होते ही सूची में गड़बड़ी करने समेत अन्य अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए शिक्षक शिक्षिकाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच एडीएम अतुल सिंह भी काउंसलिंग में पहुंच गए। उन्होंने शिक्षक शिक्षिकाओं को माइक के जरिए समायोजन के बाबत नियमों से अवगत कराया, लेकिन शिक्षक संतुष्ट नहीं हुए। एडीएम का कहना था कि काउंसलिंग नियमानुसार ही हो रही है। इस बार समायोजन नीति में वरिष्ठ शिक्षक का समायोजन किया जा रहा है। वहीं दूसरों ब्लॉकों में समायोजित करने से शिक्षक शिक्षिकाएं काफी आक्रोशित दिखे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक मामला: बीसलपुर विकासखंड के एक प्राथमिक स्कूल 170 बच्चे पंजीकृत है। एमडीएम की सूची में रोजाना 168 बच्चों को एमडीएम दिया जाना दिखाया गया है। यदि इस हिसाब से देखा जाए तो उक्त विद्यालय में 99 फीसदी बच्चों ने एमडीएम खाया। यह मामला सोशल मीडिया पर पूरे दिन वायरल होता रहा। आरोप है कि इस स्कूल में एक शिक्षक नेता तैनात है। चर्चा थी कि कहीं उसी को बचाने के लिए तो सूची में धांधली नहीं की गई है। इस मामले में विभाग का कहना है कि सूची मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की वेबसाइट से ली गई है। सूची में ही 99 फीसदी बच्चों को मध्याह्न भोजन खाना दिखाया गया है।
143 की हुई काउंसलिंग, दो रहे गैरहाजिर
बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि काउंसलिंग में प्राइमरी स्कूलों के 43 प्रधानाध्यापकों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 51 सहायक अध्यापकों और 22 प्रधानाध्यापकों को एकल व बंद पड़े स्कूलों में समायोजित किया गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों के 27 सहायक अध्यापकों को समायोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि दो शिक्षक गैरहाजिर रहे।
सरप्लस शिक्षकों की जिला प्रशासन की देखरेख में काउंसलिंग करा ली गई है। कुछ शिक्षक शिक्षिकाओं की समस्याएं थीं। उन समस्याओं को अपर जिलाधिकारी ने उनके बीच जाकर निस्तारण करा दिया था।
-देवेंद्र स्वरूप, बीएसए