हाईकोर्ट ने तथ्य छिपाकर गलत नीयत से जनहित याचिका दाखिल करने पर याची पर दस हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।
हर्जाने की राशि में से पांच हजार रुपये उस व्यक्ति को मिलेंगे जिसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी और पांच हजार रुपये प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आगरा को देना होगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी की खंडपीठ ने मथुरा के छाता तहसील निवासी नीरज कुमार और अन्य की याचिका पर दिया है।
नीरज ने याचिका दाखिल कर विपक्षी अजीत भार्गव, विनीत भार्गव और सुजीत भार्गव की आटा चक्की पर रोक लगाने की मांग की थी। कहा गया कि इससे ध्वनि प्रदूषण हो रहा है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति भी नहीं ली गई है। कोर्ट को पता चला कि इसी मामले को लेकर सिविल वाद लंबित है जिसका जिक्र इस याचिका में नहीं किया गया है।