पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक के बयानों से हिंदुस्तान में छिड़ी सियासी बहस अभी थमी भी नहीं थी कि इसी दरम्यान एक पाकिस्तानी महिला की यहां ससुराल में मौत हो गई। दोनों मुल्कों के बीच तल्ख रिश्तों पर आनन-फानन में खुफिया विभाग ने विदेश व गृह मंत्रालय से लेकर पाकिस्तानी हाई कमीशन को मसले से रूबरू कराने में देर न लगाई। हिंदुस्तान में दफन की इजाजत मिलते ही परिजनों ने मृतका को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
उत्तर प्रदेश में अमरोहा के रहने वाले नुसरत उल्ला की शादी वर्ष 1985 में पाकिस्तान की नसीरा यूसुफ के साथ हुई थी। निकाह के कुछ दिन बाद ही नसीरा ससुराल में आकर रहने लगी। इस दंपति ने तमाम कायदे-कानून के मुताबिक दोनों मुल्कों से एक-दूजे का हमसफर बनकर जिंदगी गुजारने की इजाजत ली। बताते है इस दौरान कई मर्तबा यह जोड़ा पाकिस्तान भी गया। लेकिन, कुछ महीनों पूर्व नसीरा यूसुफ कैंसरग्रस्त हो गई और जिंदगी से जंग लड़ते सोमवार को आखिरकार सांस टूट गई।
ससुरालियों से मौत की खबर मिलते ही हरकत में आए खुफिया विभाग ने विदेश व गृह मंत्रालय को दफन के मसले से रूबरू कराने के बाद पाकिस्तान हाई कमीशन का भी रुख जाना। मंगलवार को इजाजत मिलने के बाद ससुराल में मृतका को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। एलआईयू इंस्पेक्टर जमशेद खान ने बताया कि प्रक्रिया पूरी होने पर दफन की इजाजत मिली। मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है।