अभी दो महीने ही हुए हैं और केंद्र सरकार भारत के सपूतों की निर्मम हत्या को भूल गई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रजा परवेज को अजमेर शरीफ की यात्रा की इजाजत शहीदों का अपमान है।
शहीद हेमराज के परिजनों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ की शनिवार को प्रस्तावित अजमेर शरीफ यात्रा का विरोध किया है।
आठ जनवरी को पाकिस्तान के सैनिकों ने सीमा पर गश्त कर रहे जवान हेमराज और सुधाकर सिंह की निर्मम हत्या कर दी थी और उनका सिर काटकर ले गए थे।
शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती ने शुक्रवार को यहां बताया कि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अजमेर शरीफ यात्रा की इजाजत देकर शहीदों का अपमान किया है।
सरकार को रजा परवेज अशरफ को यात्रा पर नहीं आने देना चाहिए था। हेमराज के ताऊ हरे किशन ने कहा कि जिस अमानवीय तरीके से पाक सैनिकों ने भारतीय सेना के जवानों से बर्ताव किया, उसकी कडे़ शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।
अगर सही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अजमेर शरीफ में अकीदत करना चाहते हैं तो उनको अपने साथ शहीद हेमराज और सुधाकर सिंह का सिर लाना चाहिए। उनको पाकिस्तान के सैनिकों की करतूत के लिए देशवासियों एवं शहीद के परिजनों से माफी मांगनी चाहिए। चाचा कल्याण सिंह कहते हैं कि यह घटिया राजनीति है।