एक वह भी दौर था, जब बीएड कॉलेजेस में सीटें बचती नहीं थीं। लेकिन आज हालत यह है कि, बैक टू बैक काउंसलिंग कराए जाने के बाद भी पूरी सीटें नहीं भर पा रही हैं।
अब खबर है कि, बीएड प्रपेश परीक्षा में जीरो नंबर लाने वालों को भी दाखिला दे दिया जाएगा।
बीएड प्रवेश परीक्षा में जीरो और उससे कम अंक वाले भी दाखिला पा जाएंगे। इसके लिए तीसरी काउंसलिंग की तैयारी हो रही है।
दरअसल, दो काउंसलिंग के बावजूद प्रदेश में एक तिहाई से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। इन्हें भरने के लिए फिर आवेदन मांगे गए हैं। अभी तक एक अंक पाने वालों को मौका दिया जा चुका है। तीसरी काउंसलिंग में जिन्होंने भी आवेदन किया था, उन सभी को मौका मिलना तय है।
प्रदेश भर में बीएड की लगभग 1 लाख, 20 हजार सीटों पर दाखिले का जिम्मा गोरखपुर विश्वविद्यालय का था। इसके लिए 3 लाख, 87 हजार आवेदन आए थे।
पहली काउंसलिंग में टॉप रैंक वाले दाखिले के लिए बुलाए गए थे। इस काउंसलिंग के बाद भी 56 हजार सीटें खाली रह गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सीटें भरने के लिए फिर से पूल काउंसलिंग कराई गई।
इसमें आवेदन के समय ही यह शर्त थी कि उन्हें किसी भी कॉलेज में दाखिला दिया जा सकता है। वे जितने भी विकल्प भरेंगे उनमें से अंतिम विकल्प या उसके अलावा भी कोई कॉलेज मिल सकता है।
जीरो या उससे कम अंक (माइनस में) पाने वालों को भी तीसरी काउंसलिंग में बुलाया जाता है, तब भी सीटें नहीं भर पाएंगी। इसकी वजह यह है कि, ऐसे अभ्यर्थी भी अब 6632 ही बचे हैं और सीटें करीब 44 हजार खाली हैं।
ऊंची रैंक वाले ज्यादातर अभ्यर्थियों ने अच्छा कॉलेज न मिलने के कारण दाखिला नहीं लिया, इसलिए वे तीसरी काउंसलिंग में शामिल नहीं होंगे।