नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने निकाय और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में आए दिन होने वाली गड़बड़ियों व धांधलियों से आहत होकर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को छोड़कर अन्य सभी से 15 दिन के अंदर अपने तथा परिजनों के नाम चल व अचल संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा है।
यह ब्यौरा विभाग को न देकर नगर विकास मंत्री के पास भेजना होगा। ब्यौरा न देने वालों के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को लिखा जाएगा। आजम ने इस संबंध में प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है, जिसकी कापी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को भी भेजी है।
नगर विकास विभाग मौजूदा समय घोटालों और गड़बड़ियों को लेकर चर्चा में है। राजधानी लखनऊ में नगर निगम द्वारा अपट्रान को लीज पर दी गई जमीन निजी कंपनी को दिए जाने तथा गाजियाबाद में तत्कालीन नगर आयुक्त द्वारा अरबों की जमीन लीज पर देने का खुलासा हो चुका है।
आजम खां ने कुछ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के भ्रष्ट आचरण की शिकायतों पर यह पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि निकाय व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कार्यरत अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपनी, उन पर आश्रित पुत्र, पुत्रियों और पत्नी की चल अचल संपत्तियों के साथ बैंक में जमा राशि, बेनामी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा एक घोषणा पत्र के साथ 15 दिन के अंदर देना होगा।
आजम ने पत्र में यह लिखा: प्रमुख सचिव नगर विकास व सचिव अल्पसंख्यक कल्याण को इस संबंध में लिखे पत्र में कहा है कि जो संपत्तियों का घोषणा नहीं करना चाहेगा, उस पर कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। पर ऐसे लोगों के संबंध में ईओडब्ल्यू को लिखा जाएगा।