नोएडा। छठ पर्व के चलते ट्रेनों में आरक्षित टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। इंटरनेट पर टिकटों की बुकिंग करने वालों की बाढ़ आ जाने से रेलवे की वेबसाइट भी लोड नहीं उठा पा रही। इंटरनेट पर एक टिकट बुक करने में एक-एक घंटा लग जाता है। वहीं, रिजर्वेशन काउंटर पर हर समय लंबी कतार से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
छठ पर्व पर बिहार, झारखंड व पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग भारी तादाद में घर जाते हैं। यहां जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी मिलना मुश्किल हो गया है। इंटरनेट से बुकिंग कराने वालों की संख्या में अचानक वृद्धि होने से वेबसाइट हैंग कर रही है। बुधवार को दिन भर वेबसाइट से रिजर्वेशन कराने में दिक्कत आई। एक टिकट बुक करने में एक घंटे से अधिक समय लग रहा था। इसका असर रेलवे रिजर्वेशन सेंटर पर दिखा। इंटरनेट से टिकट बुक करने वाले भी रेलवे काउंटर पर लंबी कतार में लग गए। यहां भी वेटिंग टिकट ही हाथ लग रहा है। बीते शनिवार को यहां का सर्वर ही डाउन हो गया था। बेगूसराय निवासी जितेंद्र ने बताया कि रेलवे की वेबसाइट पर टिकट बुक करने की बहुत कोशिश की, मगर टेक्निकल फॉल्ट बताकर वेबसाइट बंद हो जा रही थी। ऐसे में इंटरनेट पर वक्त गुजारने के बजाय काउंटर पर लगकर टिकट बुक करवा लिया है। हालांकि वेटिंग टिकट ही मिल सका है। पटना का टिकट लेने आए सौरव भी एक घंटे लाइन में लगने के बाद वेटिंग टिकट पाने से निराश दिखे। टिकट के लिए लाइन में लगे लोगों का कहना था कि हर साले छठ पूजा के समय ट्रेनों में भीड़ हो जाती है तो सरकार अतिरिक्त ट्रेनें क्यों नहीं चला रही, ताकि सभी को आरक्षित टिकट आसानी से मिल जाए।
---------
वेटिंग टिकट भी मिलना हुआ मुश्किल
छठ पर्व के चलते बिहार, झारखंड व पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट तो दूर, वेटिंग टिकट भी मुश्किल हो रहा है। बिहार को जाने वाली संपर्क क्रांति ट्रेन में 20 नवंबर तक नो रूम घोषित कर दिया गया है। यही हाल वैशाली का भी है, इस ट्रेन में द्वितीय श्रेणी का वेटिंग टिकट 468 तक पहुंच चुका है। बिहार जाने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों जैसे श्रमजीवी, शहीद, लिच्छवी और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस आदि में वेटिंग दो सौ के आसपास पहुंच चुका है। आमतौर पर साढ़े चार सौ तक वेटिंग टिकट दिया जाता है। इससे ऊपर जाने पर नो रूम घोषित कर दिया जाता है। यही हाल छठ पूजा के बाद लौटने वाली ट्रेनों का भी है। ट्रेनों में अभी से वेटिंग चल रहा है।
---------
उद्योगों में श्रमिकों की कमी
नोएडा के उद्योगों में काम करने वाले पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहारवासियों के वापस चले जाने से यहां के उद्योगों में भी श्रमिकों का संकट हो गया है। नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि इस समय श्रमिकों की बहुत कमी हो गई है। दीपावली और छठ आसपास होने के कारण ज्यादातर कर्मचारी घर चले गए हैं। बचे-खुचे अब जा रहे हैं। इससे फैक्ट्रियों में लेबर की दिक्कत हो रही है। कई तो ऐसे हैं, जो अपना पूरा पैसा लेकर जा रहे हैं। इससे लगता है कि वे वापसी के मूड में नहीं हैं।