शहर की बेटी के कातिल दरिंदे का 48 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा है। वहीं, जन आक्रोश को देखते हुए खुद एसएसपी ने तफ्तीश की कमान संभाल ली है।
कोई चूक न हो इसलिए उन्होंने एएसपी (ट्रांसगोमती) के नेतृत्व में सीओ गोमतीनगर, गाजीपुर, अलीगंज, इंस्पेक्टर चिनहट, एसओ गोमतीनगर, गाजीपुर व विभूतिखंड समेत दो क्राइम डिटेक्शन टीमों को जांच में लगाया है।
शक है किसी अपने पर
इस बीच, बच्ची के रिश्तेदार दंपती, सिक्योरिटी गार्ड समेत छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं। आशंका है कि किसी अपने ने ही हैवानियत की हदें पार की है। वहीं, पीड़ित परिवार का एक सदस्य गायब बताया जा रहा है।
सीसीटीवी कैमरे से मिले सुराग
पीएनबी बैंक, एटीएम व एक डॉक्टर समेत पांच घरों के फुटेज में कई अहम सुराग मिले।
पुलिस का अनुमान है कि दरिंदों ने बच्ची का शव सुबह 4 से 4:15 बजे के बीच फेंका है। पांचों घरों के फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
मुखबिरों से ली जा रही मदद
इलाके में मुखबिरों का जाल बिछाया गया है। शराब के ठेकों व नशेबाजी के अड्डों पर भी निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए एसएसपी ने एएसपी ट्रांसगोमती के नेतृत्व में चार टीमें बनाई हैं।
कूड़ा उठाने वालों से भी पूछताछ
सीओ गोमतीनगर ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने इलाके में भोर में कूड़ा उठाने वाले युवकों से लंबी पूछताछ की है। सभी के नाम-पते नोट किए गए हैं। हालांकि पुलिस को अभी तक कोई चश्मदीद नहीं मिला है।
मामला दर्ज
पुलिस ने बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या, दुष्कर्म, 3/4 बालक-बालिका लैंगिक शोषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।