मुजफ्फरनगर दंगे की लगातार उठ रही सीबीआई जांच की मांग पर प्रदेश सरकार ने अपना रवैया साफ कर दिया है। कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि सरकार तीन स्तरीय जांच करा रही है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से कुछ हासिल होने वाला नहीं है, जो हुआ सरकार को पहले से अंदेशा था। दंगा नहीं मुजफ्फरनगर में जातीय संघर्ष हुआ है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सूबे के लोक निर्माण विभाग मंत्री शिवपाल यादव ने मंत्रियों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कवाल और मलिकपुरा का दौरा किया। कवाल के मदरसे में शिवपाल ने स्वीकार किया कि सरकार को पहले से शरारती तत्वों की सक्रियता की सूचना मिल रही थी। दंगे का अंदेशा था। जिन लोगों ने ऐसा माहौल बनाया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यादव यह कहने से भी नहीं चूके कि यह दंगा नहीं जातीय संघर्ष था। तर्क दिया गया कि अगर दंगा होता तो सभी जातियां शामिल होती। बगैर नाम लिए उन्होंने झगड़े को जाट-मुस्लिम का संघर्ष करार दिया।
इसके बाद मलिकपुरा पहुंचे यादव को देखकर भावुक हुईं ममेरे भाइयों की बहनों ने सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन यादव ने साफ कहा कि त्रिस्तरीय जांच कराई जा रही है।
सीबीआई जांच नहीं कराई जाएगी। सरकार ने पीड़ितों को जो दिया है, वह सीबीआई नहीं दे सकती। दोषियों को जेल भेजा जाएगा और कानून सजा देगा।
प्रतिनिधिमंडल में राज्यमंत्री शाहिद मंजूर, योगेश प्रताप सिंह, बलराम यादव, राम गोविंद चौधरी, महबूब अली, इकबाल महमूद, राम सकल गुर्जर, साहब सिंह वर्मा, वीरेंद्र सिंह और चितरंजन स्वरूप शामिल थे।
फिसले शिवपाल के बोल
मलिकपुरा में पत्रकारों से बातचीत में लोनिवि मंत्री शिवपाल यादव की जुबान फिसल गई। बोले, दोषियों को नहीं फंसने दिया जाएगा। कहकर वह चलने लगे तो साथियों ने गलती का अहसास कराया। दोबारा पत्रकार बुलाए और बोले कि किसी भी निर्दोष को नहीं फंसने दिया जाएगा।