यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल बाहरी परीक्षार्थियों के दावे को माने तो यहां मात्र 20 हजार रुपए खर्च करने पर उन्हें पास होने की गारंटी मिल रही है। इन परीक्षार्थियों को पढ़ाई या मेरिट से कोई लेना देना नहीं।
ज्यादातर केवल इसलिए यूपी बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं ताकि डिग्री मिल जाए जिसके आधार पर वह वीजा प्राप्त कर लें और विदेश जाकर नौकरी कर सकें।
उनका कहना है कि कनाडा, इंग्लैंड और कुछ कैरेबियाई देशों में बड़े पैमाने पर नौकरियां हैं। उन्होंने बातचीत भी की है, बस सर्टिफिकेट मिल जाए तो वे निकल जाएंगे। ये परीक्षार्थी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान से परीक्षा देने यहां पहुंचे हैं।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली से आकर सुलेम सराय, करेली, बघाड़ा, राजरूपपुर में कमरा लेकर रह रहे परीक्षार्थियों का कहना है कि उन्हें अपने प्रदेश में डिग्री नहीं मिल सकी, इसलिए यूपी की राह पकड़नी पड़ी। यहां डिग्री आसानी से मिल जाती है, बस उसके लिए स्कूल प्रबंधकों को मुंहमांगी कीमत देनी होती है।
परीक्षार्थियों की नजर में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की डिग्री उनके लिए विदेश जाने की पहली सीढ़ी है इसलिए परीक्षार्थी पास होने के लिए कोई भी कीमत देने को तैयार हैं।
नकल माफिया ने परीक्षार्थियों से संपर्क कर उनसे मोटी रकम लेकर परीक्षा पास कराने की गारंटी दी है। तमाम परीक्षार्थियों के रहने, खाने की भी व्यवस्था की गई है।
हरियाणा के अमित त्यागी प्रीतमनगर में किराए के कमरे में रह रहे हैं। बताया कि उन्हें रहने, खाने, परीक्षा के लिए 20 हजार रुपए देने पड़े हैं। उनके साथ विश्वनाथ राणा, दिपेश साहा, विभव केसरी, जयसिंह रावत, दिनेश प्रताप भी हैं।
अमित के मुताबिक उसके रिश्तेदार कनाडा में रहते हैं, उनके जरिए उसको वहां नौकरी की गारंटी मिली है। वह 12वीं पास करने के बाद उनके पास जाने के लिए वीजा बनवाएगा। नौकरी के लिए वीजा बनवाने के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट है।
उसने बताया कि दसवीं की परीक्षा भी राजरूपपुर के एक स्कूल से दी थी। इस बार भी उसी प्रबंधक के संपर्क के जरिए आया। विश्वनाथ, विभव को भी कनाडा जाना है जबकि जयसिंह और दिनेश की भी बाहर नौकरी के लिए बातचीत चल रही है।
झलवा में रहकर इंटर विज्ञान वर्ग से परीक्षा दे रहे राकेश शर्मा दिल्ली के मुनरिका से आए हैं। बताया कि हाईस्कूल परीक्षा भी इसी स्कूल से पास की थी, अबकी बार डिग्री मिलने पर इंग्लैंड जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटर का सर्टीफिकेट मिलते ही वह वीजा बनवाएंगे।
राजरूपपुर में रहकर परीक्षा दे रहा विकास सांगवान पंजाब से आया है। उसने बताया कि दिल्ली में रहने वाले एक रिश्तेदार के माध्यम से स्कूल प्रबंधक के पास पहुंचा। इस बार हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा है। यहां बारहवीं का सर्टिफिकेट लेकर वह सूरीनाम जाना चाहता है। वहां उसके कुछ रिश्तेदार रहते हैं, उन्होंने नौकरी की गारंटी दी है।