इसे पुलिस की अनदेखी कहें या फिर गरीब परिवार की मजबूरी, जट्टारी रोड पर गांव मीरपुर दहोड़ा में संचालित देसी शराब का ठेका किशोरियां चला रही हैं।
सारे नियम कानून ताक पर रखकर चल रहे इस ठेके पर पुलिस की भी नजर नहीं है।
इससे समाज तो शर्मसार है ही, पास में स्थित कन्या पाठशाला की छात्राएं भी बचकर निकलती हैं। ठेके को कन्या पाठशाला के पास खोलने के अनुमति किसने दे दी यह भी जांच का विषय है।
मीरपुर दहोड़ा में संचालित देसी शराब के ठेके के संचालक बुलंदशहर का रहने वाला है। बतौर सेल्समैन उसने किसे रखा है यह तो पता नहीं है लेकिन यह ठेका 12 से 16 साल की तीन बहनें मिलकर चलाती हैं।
उनका पिता पास के गांव में रहता है और खेतीबाड़ी करता है जबकि मां पास के ही एक मकान में रहती है। ठेका सुबह से ही खुल जाता है और रात को करीब 10 बजे तक चलता है।
एजेंट देकर जाता है माल
ठेका स्वामी का एजेंट रोजाना शाम को हिसाब करने के लिए आता है। इसके साथ ही ठेके पर माल पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उसी की है।
आसपास के गांवों में भी है सप्लाई
लोगों ने बताया कि ठेके से आसपास के गांव के लोग भी शराब ले जाते हैं और अपने गांवों में परचून की दुकान पर अवैध रूप से शराब की बिक्री करते हैं।