वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में बिना अनुमति के दूसरे स्थान पर हेलीकॉप्टर उतारने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
इस मामले में कोर्ट ने आगामी 20 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी 10 मार्च 07 को खतौली में यूडीएफ प्रत्याशी साबिर अली के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे।
उनके हेलीकॉप्टर उतारने का स्थान सीताशरण इंटर कालेज का मैदान निर्धारित था, मगर उन्होंने बिना अनुमति के अपना हेलीकॉप्टर केके जैन कालेज मैदान स्थित चुनावी सभा स्थल पर ही उतरवाया था।
जिस पर खतौली पुलिस ने शाही इमाम अहमद बुखारी, यूडीएफ प्रत्याशी साबिर अली, यूडीएफ जिला चुनाव प्रभारी मोहम्मद इनाम कुरैशी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने उक्त सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। मुकदमे में इनाम कुरैशी ने जमानत करा ली थी, जबकि शाही इमाम अहमद बुखारी और साबिर अली तभी से वांछित चल रहे हैं।
साबिर अली इन दिनों एक मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। यह मुकदमा सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट से कई बार शाही इमाम के नाम समन जारी किए गए, मगर वे कोर्ट में पेश नहीं हुए।
गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में तारीख पर इनाम कुरैशी अपने अधिवक्ता कैलाशचंद के साथ पेश हुए। कैलाशचंद एडवोकेट ने बताया कि साबिर अली पक्ष की ओर से कोर्ट में उनके बी-वारंट के जरिए तल्बी के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
जिस पर कोर्ट ने 20 अक्तूबर की तारीख नियत की तथा दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।