प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के दो जिलों का दौरे पर हैं। जिसके तहत पीएम मोदी प्रयागराज पहुंचे। प्रयागराज के परेड मैदान में सामाजिक अधिकारिता शिविर के अंतर्गत आयोजित समारोह में 26,791 दिव्यांगों और बुजुर्गों के बीच करीब 56 हजार सहायक उपकरण वितरित किए। इसके बाद चित्रकूट पहुंचेंगे। चित्रकूट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे साथ ही पूरे देश में 10,000 किसान उत्पादक संगठन की शुरुआत भी करेंगे। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद दोनों जिलों में पीएम मोदी का यह पहला दौरा है। पढ़ें सभी अपडेट्स...
- पीएम मोदी ने कहा कि ये उपकरण जो आपको मिल रहे हैं वह आपके हौसला के सहयोगी भर हैं। लेकिन आपका जीवन, आपका हौसला, हिम्मत प्रेरणा का कारण है।
- आप सभी दिव्यांग जनों को स्वागत है।
- सरकार का दायित्व है कि हर व्यक्ति का भला हो। यही सोच तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का मूल आधार है।
- 130 करोड़ भारतीयों के हितों की रक्षा करना हमारा दायित्व है।
- तीर्थराज, प्रयागराज में आकर हमेशा ही एक अलग पवित्रता और ऊर्जा का एहसास होता है। पिछले साल फरवरी में मैं कुम्भ के दौरान इस पवित्र धरती पर आया था। तब संगम में स्नान करके और उसके साथ-साथ मुझे एक और शौभाग्य मिला था।
- वो सफाई कर्मचारी जो ऐतिहासिक कुम्भ की पवित्रता बढ़ा रहे थें और जिनके परिश्रम और पुरुषार्थ के कारण पूरे विश्व में प्रयागराज के इस कुम्भ की स्वच्छता की चर्चा हुई।
- पूरी दुनिया में प्रयागराज की एक नई पहचान बनी। कुम्भ में एक नई परंपरा नजर आई और उसे सफल करने वाले उन सफाई कर्मचारियों के चरण धोने का और मुझे इस महान सिद्धि को पाने वाले उन सफाई कर्मचारियों को नमन करने का अवसर मिला था।
- आज भी कुछ ऐसा ही सौभाग्य मुझे मां गंगा के तट पर प्राप्त हुआ है। प्रधानसेवक के तौर पर मुझे हजारों दिव्यांगजनों, वरिष्ठ जनों की सेवा करने का अवसर मिला है। थोड़ी देर पहले यहां करीब 27,000 साथियों को उपकरण दिए गए हैं।
- हमारे यहां कहा जाता है- स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां. न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः! यानि सरकार का ये दायित्व है कि हर व्यक्ति का भला हो, हर व्यक्ति को न्याय मिले। यही सोच तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र का भी आधार है।
- आपके प्रधान सेवक के तौर पर, मुझे हजारों दिव्यांग-जनों और बुजुर्गों, वरिष्ठ जनों की सेवा करने का अभी अवसर मिला है। थोड़ी देर पहले यहां करीब 27 हजार साथियों को उपकरण दिए गए हैं।
- किसी को ट्रायसाइकिल मिली, किसी को सुनने की मशीन मिली और व्हीलचेयर मिली है। यहां इस समाजिक अधिकारिता शिविर में अनेक रिकॉर्ड भी बन रहे हैं।
- ये उपकरण आपके जीवन से मुश्किलें कम करने में कुछ मदद करेंगे। मैं मानता हूं कि ये उपकरण आपके बुलंद हौसलों के सहयोगी भर हैं। आपकी असली शक्ति तो आपका धैर्य है, आपका सामर्थ्य है, आपका मानस है।
- आपने हर चुनौती को चुनौती दी है, आपने मुश्किलों को मात दिया है। आपका जीवन अगर कोई बारीकी से देखे तो हर पल, हर डगर, हर किसी के लिए प्रेरणा का कारण है।
- वरिष्ठजन, दिव्यांगजन, आदिवासी, दलित-पीड़ित, कोई भी व्यक्ति हो, सभी 130 करोड़ भारतीयों के हितों की रक्षा करना, उनकी सेवा करना, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिव्यांगजनों की तकलीफ को समझकर जिस तरह इस सरकार ने काम किया है, उतना पहले कभी नहीं किया गया।
- हमारी सरकार समाज के हर व्यक्ति के विकास के लिए, उसके जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रही है 130 करोड़ भारतीयों के हितों की रक्षा करना, उनकी सेवा करना, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- पहले की सरकारों के समय, इस तरह के कैंप बहुत ही कम लगा करते थे और इस तरह के मेगा कैंप तो गिनती के होते थे। बीते 5 साल में हमारी सरकार ने देश के अलग-अलग इलाकों में करीब 9,000 कैंप लगवाए हैं।
- पिछली सरकार के पाँच साल में जहां दिव्यांगजनों को 380 करोड़ रुपए से भी कम के उपकरण बांटे गए, वहीं हमारी सरकार ने 900 करोड़ रुपए से ज्यादा के उपकरण बांटे हैं। यानि करीब-करीब ढाई गुना।
- बीते 4-5 वर्षों में देश की सैकड़ों इमारतें, 700 से ज्यादा रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाई जा चुकी हैं। जो बची हुई हैं उन्हें भी सुगम्य भारत अभियान से जोड़ा जा रहा है।
- आप वो समय भी याद करिए जब आपको सरकारी दफ्तरों, बस स्टैंड, अस्पताल, कोर्ट, कचहरी हर जगह जाने में दिक्कत होती थी। कुछ जगहों पर अलग रैंप बन जाता था, बाकी जगहों पर बहुत मुश्किल होती थी।
- ये हमारी ही सरकार है जिसने सुगम्य भारत अभियान चलाकर देश भर की बड़ी सरकारी इमारतों को दिव्यांगों के लिए सुगम्य बनाने का संकल्प किया।
- एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अलग-अलग भाषा होने पर भी दिव्यांगों को दिक्कतें होती थीं। पहले ये सोचा ही नहीं गया कि दिव्यांगों के लिए एक कॉमन साइन लैंग्वेज हो। हमारी सरकार ने इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की है।
- ये हमारी ही सरकार है जिसने पहली बार दिव्यांगजनों के अधिकारों को स्पष्ट करने वाला कानून लागू किया। इस कानून का एक बहुत बड़ा लाभ ये हुआ है कि पहले दिव्यांगों की जो सात अलग-अलग तरह की कैटेगरी होती थी, उसे बढ़ाकर 21 कर दिया गया।
- दिव्यांगों पर अगर कोई अत्याचार करता है, उन्हें परेशान करता है, तो इससे जुड़े नियमों को सख्त किया है। दिव्यांगों की नियुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए। सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया है।
- उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए भी उनका आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
- नए भारत के निर्माण में हर दिव्यांग युवा, दिव्यांग बच्चे की उचित भागीदारी आवश्यक है। चाहे वो उद्योग हों, सेवा का क्षेत्र हो या फिर खेल का मैदान, दिव्यांगों के कौशल को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- सीनियर सिटिजन्स के जीवन से इस परेशानी को कम करने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। गरीब वरिष्ठ नागरिकों को भी जरूरी उपकरण मिलें, इसके लिए हमारी सरकार ने 3 साल पहले ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना’ शुरू की थी।
- 60 वर्ष की आयु के बाद बुजुर्गों को एक निश्चित राशि पर एक निश्चित ब्याज मिले, उनका निवेश सुरक्षित रहे इसके लिए हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री वय योजना भी शुरू की थी। इसका मकसद यही था कि अगर बाजार में ब्याज दरें कम हो जाएं तो उसका प्रभाव उन पर कम से कम पड़े।
पीएम मोदी ने लाभार्थियों को स्टेज पर बांटे उपकरण
पीएम मोदी ने स्टेज पर भी कुछ दिव्यांगों और बुजुर्गों को उपकरण बांटे। इस दौरान वह सभी लाभार्थियों से बड़े ही स्नेह के साथ मिल रहे हैं और उनसे बातें भी कर रहे हैं।
सीएम योगी और डिप्टी सीएम ने किया पीएम मोदी का धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले सीएम योगी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पीएम का धन्यवाद दिया।
पीएम मोदी ने 26791 दिव्यांगो और बुजुर्गों को बांटे उपकरण
पीएम मोदी ने प्रयागराज के परेड मैदान पहुंचकर सामाजिक अधिकारिता शिविर के अंतर्गत आयोजित समारोह में 26,791 दिव्यांगों और बुजुर्गों के बीच करीब 56 हजार सहायक उपकरण वितरित किए। इससे पहले वह व्यक्तिगत तौर पर वहां मौजूद दिव्यागों से मिले इस दौरान लोग काफी भावुक दिखे। कई लोगों ने पीएम के पैर भी छुए। लोगों से मिलने के बाद पीएम मोदी स्टेज पर चले गए, जहां उनका माल्यार्पण किया गया।
प्रयागराज पहुंचे पीएम मोदी
पीएम मोदी प्रयागराज पहुंच चुके हैं और बमरौली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। बमरौली से सभी नेता हेलीकॉप्टर से परेड मैदान पहुंचेंगे। वहां आयोजन स्थल से कुछ दूरी पर ही हेलीपैड बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री के पहुंचने के बाद करीब 11 बजे समारोह की औपचारिक शुरुआत होगी।
वितरित किए गए ये उपकरण
समारोह में 847 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 3949 ट्राईसाइकिल, 3725 व्हीलचेयर, 5206 वैशाखी, 15103 वाकिंग स्टिक, 1735 ट्र्राइपॉड, 850 वॉकर, 5816 चश्मा, 4950 कृत्रिम दांत, 659 स्मार्ट केन, 29 स्मार्ट फोन, एक टेबलेट,11383 कान की मशीन, 229 रोलेटर, 924 कृत्रिम हाथ-पैर वितरित किए गए।
प्रयागराज में बने ये तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड
सामाजिक अधिकारिता शिविर अंतर्गत आयोजिक कार्यक्रम में तीन विश्व रिकॉर्ड बने। इससे पहले प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान एक साथ सबसे ज्यादा शटल बसों के संचालन, स्वच्छता और वॉल पेंटिंग का विश्व रिकॉर्ड बना था। विश्व रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए गिनीज बुक रिकार्ड की टीम शुक्रवार को ही प्रयागराज पहुंच गई थी। इस बार बने ये रिकॉर्ड:-
- पहला रिकार्ड हाथ से चलने वाली 300 ट्राइसाइकिलों को 1.8 किलोमीटर चलाकर बनाया गया है।
- दूसरा रिकार्ड हाथ से चलने वाली 626 ट्राइसाइकिलों को एक घंटे में निःशुल्क वितरित कर बनाया गया है।
- तीसरा रिकार्ड 13 मिनट में 420 व्हीलचेयर्स को तीन पंक्तियों में चलाने का बना है।