मुजफ्फरनगर। जिले की किसान राजनीति में दखल रखने वाले पूर्व मंत्री योगराज सिंह को बसपा ने निष्कासित कर दिया है। योगराज सिंह की कुछ दिन से रालोद में शामिल होने की चर्चा चल रही है। इसी के चलते बसपा ने यह कदम उठाया है। बुढ़ाना विधानसभा से टिकट कटने के बाद से योगराज बसपा से नाराज चल रहे थे।
वर्ष 2007 में खतौली विधानसभा से चुनाव जीतकर जिले की राजनीति में लोहा मनवाने वाले योगराज सिंह को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। किसान नेता रहे चौधरी जगबीर सिंह के पुत्र योगराज सिंह को विधानसभा चुनाव में पिता की सहानुभूति का लाभ मिला था। जगबीर सिंह जिले में भाकियू नेता महेंद्र सिंह टिकैत के समकक्ष किसान संगठन चलाते थे। भाकियू के राकेश टिकैत के मुकाबले जनता ने योगराज को विधायक चुना।
बसपा के टिकट पर दलितों और पिछड़ों ने उन्हें एकतरफा वोट किया था। बसपा ने योगराज को मंत्री पद से नवाजा था। वर्ष 2012 के चुनाव में योगराज सिंह बसपा के टिकट पर बुढ़ाना से चुनाव लड़े। सपा की लहर में नवाजिश आलम चुनाव जीत गए। योगराज सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस बार बसपा ने नईम मलिक को यहां से टिकट दे दिया। इसके चलते योगराज सिंह पार्टी से नाराज थे।
वह अपने लिए नई जमीन तलाश रहे थे। सूत्रों के अनुसार रालोद अध्यक्ष अजित सिंह से उनकी बात फाइनल हो गई है। लखनऊ में पार्टी में शामिल होने का उनका कार्यक्रम भी लगभग तय हो गया है। इसकी भनक लगते ही बसपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस संबंध में योगराज सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया। उधर, बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम ने बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण योगराज सिंह को पार्टी से निष्कासित किया गया है।