मुजफ्फरनगर। एसीएमओ आरसीएच डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि सप्ताह भर इस थीम के माध्यम से माताओं को न केवल स्तनपान के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बल्कि यह संदेश भी दिया जाएगा कि स्तनपान में निवेश का अर्थ है भविष्य में स्वस्थ समाज और पर्यावरण की दिशा में कदम बढ़ाना।
उन्होंने कहा कि स्तनपान बच्चों को पोषण देने और बीमारियों से बचाने का सबसे कारगर तरीका है। शिशु के जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और छह महीने तक केवल मां का दूध देना बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
इससे डायरिया, निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारियों से शिशुओं की रक्षा होती है। बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहुएं और स्वास्थ्य कर्मी इस सप्ताह घर-घर जाकर स्तनपान के लाभों के बारे में माताओं को जागरूक करेंगी।