साइकिल पर सवार हुए तो फिर नहीं उतरे
छछरौली के रहने वाले शिक्षक कृपाल सिंह भी साइकिल प्रेमी है। वे बताते हैं कि उन्हें 40 साल पढ़ाते हो गए। इसी दौरान ड्यूटी के लिए वह 10 से लेकर 50 किलोमीटर तक का सफर साइकिल से ही तय करते हैं। सुबह सवेरे साइकिल को साफ सुथरा करना उनका पहला कार्य है। बेलड़ा निवासी मास्टर रामकुमार, जयपाल सिंह भी साइकिल के पुराने शौकीन हैं।
साइकिल से सफर करने वाले सीओ राम मोहन शर्मा
भोपा सर्किल के सीओ रहे राममोहन शर्मा भोपा में तैनाती के समय बाजार में अन्य स्थानों पर साइकिल पर घूमते देखे जाते थे। वह बताते हैं कि बचपन से लेकर आज तक वह साइकिल का सफर खूब पसंद करते हैं। घर से लेकर जंगल तक, गांव से लेकर शहर तक, घर से लेकर स्कूल तक उन्होंने यह सफर साइकिल के माध्यम से तय किया हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग मथुरा में हैं।
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साइकिल चलाओगे तो स्वस्थ रहोगे
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार बताते हैं कि साइकिल चलाने के फायदे ही फायदे हैं। फेफड़े और ह्दय रोगों से छुटकारा मिलता है। तनाव कम होता है। गठिया का खतरा कम हो जाता है। जोड़ों का दर्द नहीं होता।