शुक्रताल। प्रदेश के केबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि शुक्रताल में गंगा धारा को निर्मल और अविरल बनाने का प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। शुकतीर्थ का विकास सरकार की प्राथमिकता में है।
शुक्रतीर्थ में विश्व कल्याणी मंदिर का शिलान्यास कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने किया। गंगा घाट पर पूजा अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि शुक्रताल का पर्यटक स्थल के रूप में विकास करना बहुत जरूरी है। हरिद्वार से शुक्रताल तक गंगा की निर्मल धारा के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
हरिद्वार की हर की पैड़ी की तर्ज पर यहां गंगा स्नान की तीर्थ यात्रियों को सुविधा दी जाएगी। यादव ने कहा कि सिंचाई के लिए नहरों से पानी और बिजली किसानों को मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि यह तीर्थ शांति और आध्यात्मिकता का केंद्र है।
संयोजक नीलम भारद्वाज ने यादव को निर्माणाधीन मंदिर का प्रतीक भेंट किया। अध्यक्षता एमएलसी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह ने और संचालन धर्मेंद्र शर्मा ने किया। पूजा अर्चना अचल शास्त्री एवं आचार्य गिरीश चंद्र उप्रेती ने कराई।
जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष वंदना वर्मा, नरेंद्र वाल्मीकि, पूर्व प्रमुख विनय पाल, सुबोध सैनी, धीरज यादव, हरीश शर्मा, नीरज प्रधान, संजय यादव आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व स्वामी कल्याण देव हैलीपेड पर कैबिनेट मंत्री यादव का सपा जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी, टीटू मलिक, नरेंद्र सैनी, मौहम्मद अयूब, रविंद्र गोलियान, बबलू यादव, सरदार जसवीर सिंह, रजनीश यादव ने स्वागत किया।
शिवपाल ने सुनी भागवत, शिक्षाऋषि को किया याद
शुक्रताल। वीतराग स्वामी कल्याण देव की तपस्या, त्याग और नि:स्वार्थ जनसेवा के जीवन दर्शन की अनुभूति कर कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव नतमस्तक हो गए। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में पहली बार आए यादव ने श्रद्धा और भक्ति के साथ स्वामी ओमानंद के सानिध्य में संत की गाथा सुनी।
तीर्थ में करीब एक घंटा 40 मिनट रहे काबीना मंत्री ने शिक्षा के भगीरथ का अतुल्य जीवन दर्शन समझा। समाधि मंदिर में पुष्पांजलि के बाद उन्होंने स्वामी कल्याण देव की दिव्य प्रतिमा को नमन किया। आश्रम की सादगी, शांति और भगवत वाणी ने मोहित कर दिया। अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा की और श्री शुकदेव मंदिर में व्यास नंदन व राजा परीक्षित के प्रसंग को सुमन शास्त्री से सुना।
डोंगरे जी भागवत भवन में आयोजित कथा की अमृत वर्षा उन्हें खींच ले गई। मंत्री ने कथा व्यास का वंदन किया। अध्यात्म के मनोभाव में डूबे यादव ने संग्रहालय में तीन सदी के युगदृष्टा की जीवन झांकी देखी। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का उजियारा फैलाने की संत की दूर दृष्टि ने उन्हें नत मस्तक कर दिया। शिक्षा ऋषि की नि:स्वार्थ सेवा की बेमिसाल बातें यादव ने स्वामी ओमानंद से जानी।
एमएलसी वीरेंद्र सिंह और ट्रस्ट अध्यक्ष पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश ने संत की स्मृतियों को साझा किया। शिवपाल ने कहा कि तीन साल पहले संत की पुण्य तिथि में आने की इच्छा थी, लेकिन मौसम की बाधा ने तीर्थ में आने का मौका नहीं दिया। अब यह तमन्ना पूरी हुई है।
स्वामी ओमानंद ने उन्हें गंगाजली, शुकतीर्थ साहित्य और प्रसाद भेंट किया। पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह, एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली, सीओ जानसठ आईपीएस कुंवर अनुपम सिंह, एसडीएम उमेश मिश्रा, सीओ भोपा सूक्ष्म प्रकाश आदि मौजूद रहे।