मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की निगरानी के लिए बिजनौर के बॉर्डर वाले स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया। मीरापुर में स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी करते-करते वह खुद चांदपुर पहुंच गए। शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन की ओर कराई जा रही निगेहबानी में घिर गए। सीएमओ ने अपनी सफाई में कई तर्क दिए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानसठ और मीरापुर क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। खास बात यह है कि उन्होंने बिजनौर के रास्ते में पड़ने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही चुने। सीएमओ ने स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर तरीके से उपचार करने के सुझाव दिए और इसके बाद वह जिले से बाहर चांदपुर में अपने घर चले गए। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आरोग्य मेलों की बेहतर व्यवस्था बनाने के बजाए वह घर कैसे पहुंच गए। जिला मुख्यालय पर उनकी आवासीय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दावा : डीएम को सूचना देकर गए
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने दावा किया कि जिले से बाहर जाते समय वह डीएम को सूचना देकर गए थे। पूरे घटनाक्रम के बाद भी उन्होंने मामले की जानकारी डीएम को दी और अपना पक्ष बताया।
बिजनौर का मामला : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि बिजनौर में क्या हुआ, इसकी उन्हें अभी पूरी जानकारी नहीं है। वह मामले की जानकारी कराएंगे। सीएमओ को बुलाकर उनका पक्ष जाना जाएगा।
मुझे घर बुलाकर मुहर लगवाना चाहती थी सदस्य
सीएमओ ने दावा किया है कि आयोग की सदस्य के बेटे का ऑपरेशन डॉ. मुकेश जैन के यहां हुआ था। बीमा क्लेम की पत्रावलियों पर हस्ताक्षर और मुहर लगनी थी। उन्होंने विधिवत तरीके से कार्य करने के लिए कहा, जबकि आयोग की सदस्य उन्हें घर बुलाकर कार्य कराना चाहती थी। ऑपरेशन को लेकर भी बातें की गई। वह इस पूरे मामले से विभाग के अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं पर नाराजगी
आए दिन स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं पर लोगों के बीच नाराजगी रहती है। डॉक्टरों पर भी आरोप लगते हैं। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों पर बाहर से दवाई लिखने का आरोप कुछ मरीजों ने लगाया था, जिसके बाद यहां सीएमएस की ओर से सख्त कदम उठाए गए।