जानसठ। नवजात शिशु को सफाई कर्मी शुभम ने गोद लेने की मांग रखी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण उसकी मांग पूरी नहीं हुई। सफाई कर्मचारी अपनी मां गीता के साथ चार दिन बाद जिला अस्पताल से निराश होकर अपने घर वापस लौट आया है।
पिछले चार दिनों से सफाई कर्मचारी शुभम व उसकी मां गीता जिला अस्पताल में ही नवजात शिशु को जिला अस्पताल में भर्ती कराने पर रात दिन मौजूद रहे। सफाई कर्मी शुभम ने सीएमओ के अलावा अन्य अधिकारियों से भी गोद लेने की मांग रखी थी। इसके बावजूद उनको शिशु गोद नहीं मिल सका। बुधवार को निराश होकर सफाई कर्मचारी शुभम और उसकी मां गीता जिला अस्पताल से वापस अपने घर जानसठ लौट आए हैं।
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यह था पूरा मामला
रविवार सुबह नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी सुनील भाटिया और शुभम पुराने नगर पंचायत कार्यालय के पास से कूड़े को उठा रहे थे। इस दौरान कूड़े के ढेर में पड़े बैग में नवजात शिशु मिला था। शुभम ने अपने घर पर पहुंच कर अपनी मां गीता को बताया। शुभम की मां गीता ने तुरंत कपड़े में नवजात शिशु को लपेटकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची। जहां पर चिकित्सकों ने नवजात को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल स्थित नर्सरी में नवजात शिशु का उपचार चल रहा है।