संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग को बच्चों में स्टंटिंग यानी बौनापन और दुबलेपन जैसे पोषण के मानकों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से की गई समीक्षा के बाद आदेश निर्गत किए गए हैं कि सभी स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ वेलनेस सेंटर, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों की पहचान करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जाएं। इसके बाद ऐसे बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर ले जाकर उनका उपचार कराया जाए।
पोषण की कमी के चलते बच्चों का विकास अवरुद्ध हो रहा है, जो बच्चों में बौनापन और दुबलेपन के रूप में देखा जा रहा है। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तीन मई को महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टहार विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई थी। इसके बाद उनके आदेश पर महानिदेशक परिवार कल्याण ने सीएमओ को कुपोषित बच्चों की बेहतर देखभाल और उनके उपचार के लिए निर्देशित किया है। बताया कि आईसीडीएस विभाग की ओर से चिह्नित कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का सत्यापन कर उनको हेल्थ वेलनेस सेंटर अथवा स्वास्थ्य केन्द्र पर भेजा जाएगा। बताया कि चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों का उपचार पोषण पुनर्वास केन्द्र पर किया जाएगा। पूर्व में उपचार प्राप्त कर चुके बच्चों को प्रतिमाह चार बार नामांकन और अगले तीन माह फॉलोअप करना होगा। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ वेलनेस सेंटर और उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यकता अनुसार अमाक्सीसिलिन टेबलेट अथवा सिरप, फोलिक एसिड टेबलेट, एल्बेंडाजोल की गोली, आयरन फोलिक एसिड सिरप एवं विटामिन ए सिरप की उपलब्धता रहेगी।